खोलो मन के द्वार बंद क्यों kholo man ke dvaar band kyon खोलो मन के द्वार बंद क्यों
खोलो
मन के द्वार बंद क्यों?
संवादों
के तार बंद क्यों?
अहंकार
की खुली मुट्ठियाँ
प्रेम-पुष्प
उपहार बंद क्यों?
क्या
चुनाव फिर चलकर आए?
सर्पों
की फुफकार बंद क्यों?
मदिरा
के पट खुले बारहा
रोटी
के बाज़ार बंद क्यों?
सत्य
कहें जो उन मुद्दों का
करती
मुख सरकार बंद क्यों?
जब
भी तुमसे मिलने आएँ
मिलते
दर हर बार बंद क्यों?
शूलों
के पहरे में आखिर
फूलों
के परिवार बंद क्यों?
फर्ज़, जन्म देना
औरत का
मिले
जन्म, अधिकार बंद क्यों?
दीनों
हित दहलीज “कल्पना”
तेरी
हे करतार! बंद क्यों?
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
kholo
man ke dvaar band kyon?
sanvaadon
ke taar band kyon?
ahankaar
kee khulee mutthiyaan
prem-pushp
upahaar band kyon?
kyaa
chunaaw phir chalakar aae?
sarpon
kee phuphakaar band kyon?
madiraa
ke pat khule baarahaa
rotee
ke baazaar band kyon?
saty
kahen jo un muddon kaa
karatee
mukh sarakaar band kyon?
jab
bhee tumase milane aaen
milate
dar har baar band kyon?
shoolon
ke pahare men aakhir
phoolon
ke pariwaar band kyon?
pharz, janm denaa
aurat kaa
mile
janm, adhikaar band kyon?
deenon
hit dahaleej “kalpanaa”
teree
he karataar! band kyon?
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
खोलो
मन के द्वार बंद क्यों?
संवादों
के तार बंद क्यों?
अहंकार
की खुली मुट्ठियाँ
प्रेम-पुष्प
उपहार बंद क्यों?
क्या
चुनाव फिर चलकर आए?
सर्पों
की फुफकार बंद क्यों?
मदिरा
के पट खुले बारहा
रोटी
के बाज़ार बंद क्यों?
सत्य
कहें जो उन मुद्दों का
करती
मुख सरकार बंद क्यों?
जब
भी तुमसे मिलने आएँ
मिलते
दर हर बार बंद क्यों?
शूलों
के पहरे में आखिर
फूलों
के परिवार बंद क्यों?
फर्ज़, जन्म देना
औरत का
मिले
जन्म, अधिकार बंद क्यों?
दीनों
हित दहलीज “कल्पना”
तेरी
हे करतार! बंद क्यों?
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी