क्या होगा? kyaa hogaa? क्या होगा?
छोड़ा गाँव, चले पाँव शहर, क्या होगा?
न मिली छाँव, नहीं ठौर न घर, क्या होगा?
सपने देखे महज, चाँद सितारों के ही।
पग से छूट गई, भूमि मगर क्या होगा?
बोकर शूल ही आए थे अपने हाथों से।
अब तो फूल भी फेरेंगे नज़र क्या होगा?
पिंजरा तोड़ दिया, मुक्त मगर हो न सके।
खुद ही काट लिए अपने पर, क्या होगा?
भूले उनको ही जो, साथ सदा रहते थे।
साथी शेष है अब मूक नगर, क्या होगा?
खोकर राज हुए कैद, सिफर सपनों में।
हक़ ही अब न रहा अपनों पर, क्या होगा?
देगा कौन दवा, मोल लिए दर्दों की।
होगा किसकी दुआओं का असर, क्या होगा?
- कल्पना रामानी
chodaa gaanv, chale paanv shahar, kyaa hogaa?
n milee chaanv, naheen thaur n ghar, kyaa hogaa?
sapane dekhe mahaj, chaand sitaaron ke hee
pag se choot gaee, bhoomi magar kyaa hogaa?
bokar shool hee aae the apane haathon se
ab to phool bhee pherenge nazar kyaa hogaa?
pinjaraa tod diyaa, mukt magar ho n sake
khud hee kaat lie apane par, kyaa hogaa?
bhoole unako hee jo, saath sadaa rahate the
saathee shesh hai ab mook nagar, kyaa hogaa?
khokar raaj hue kaid, siphar sapanon men
haq hee ab n rahaa apanon par, kyaa hogaa?
degaa kaun dawaa, mol lie dardon kee
hogaa kisakee duaaon kaa asar, kyaa hogaa?
- kalpanaa raamaanee
छोड़ा गाँव, चले पाँव शहर, क्या होगा?
न मिली छाँव, नहीं ठौर न घर, क्या होगा?
सपने देखे महज, चाँद सितारों के ही।
पग से छूट गई, भूमि मगर क्या होगा?
बोकर शूल ही आए थे अपने हाथों से।
अब तो फूल भी फेरेंगे नज़र क्या होगा?
पिंजरा तोड़ दिया, मुक्त मगर हो न सके।
खुद ही काट लिए अपने पर, क्या होगा?
भूले उनको ही जो, साथ सदा रहते थे।
साथी शेष है अब मूक नगर, क्या होगा?
खोकर राज हुए कैद, सिफर सपनों में।
हक़ ही अब न रहा अपनों पर, क्या होगा?
देगा कौन दवा, मोल लिए दर्दों की।
होगा किसकी दुआओं का असर, क्या होगा?
- कल्पना रामानी