जीवन को मत जंग लगाओ jeewan ko mat jang lagaao जीवन को मत जंग लगाओ
दिन कहता है करो जतन कुछ
दिनकर ढलने वाला है।
जीवन को मत जंग लगाओ
बीती भोर नहीं फिर आती
ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल
बस बालो मन-बल की बाती
साथ रखो कर्मों की चाबी
अगर भाग्य पर ताला है।
गम आए यदि गला घोंटने
हिम्मत का दिखलाओ अंकुश
अगर डराए बदला मौसम
करो धैर्य-शर से अपने वश
बीज निवालों के बो दो
यदि रूठा एक निवाला है।
जलधि पार मंज़िल है माना
मगर ज़रूरी हासिल करना
लहरें आँख दिखाएँ भी तो
आँख मिला उन पर पग धरना
नाव खोल तिरपाल तान लो
बाकी अभी उजाला है।
-कल्पना रामानी
din kahataa hai karo jatan kuch
dinakar dhalane waalaa hai
jeewan ko mat jang lagaao
beetee bhor naheen phir aatee
jyoti-kalash ban, jaaenge pal
bas baalo man-bal kee baatee
saath rakho karmon kee chaabee
agar bhaagy par taalaa hai
gam aae yadi galaa ghontane
himmat kaa dikhalaao ankush
agar daraae badalaa mausam
karo dhairy-shar se apane wash
beej niwaalon ke bo do
yadi roothaa ek niwaalaa hai
jaladhi paar manzil hai maanaa
magar zarooree haasil karanaa
laharen aankh dikhaaen bhee to
aankh milaa un par pag dharanaa
naaw khol tirapaal taan lo
baakee abhee ujaalaa hai
-kalpanaa raamaanee
दिन कहता है करो जतन कुछ
दिनकर ढलने वाला है।
जीवन को मत जंग लगाओ
बीती भोर नहीं फिर आती
ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल
बस बालो मन-बल की बाती
साथ रखो कर्मों की चाबी
अगर भाग्य पर ताला है।
गम आए यदि गला घोंटने
हिम्मत का दिखलाओ अंकुश
अगर डराए बदला मौसम
करो धैर्य-शर से अपने वश
बीज निवालों के बो दो
यदि रूठा एक निवाला है।
जलधि पार मंज़िल है माना
मगर ज़रूरी हासिल करना
लहरें आँख दिखाएँ भी तो
आँख मिला उन पर पग धरना
नाव खोल तिरपाल तान लो
बाकी अभी उजाला है।
-कल्पना रामानी