कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १६१ / १६३ № 161 of 163 रचना १६१ / १६३
९ नवम्बर २०२० 9 November 2020 ९ नवम्बर २०२०

जीवन को मत जंग लगाओ jeewan ko mat jang lagaao जीवन को मत जंग लगाओ

दिन कहता है करो जतन कुछ

दिनकर ढलने वाला है।

जीवन को मत जंग लगाओ

बीती भोर नहीं फिर आती

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

बस बालो मन-बल की बाती

साथ रखो कर्मों की चाबी

अगर भाग्य पर ताला है।

गम आए यदि गला घोंटने

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

अगर डराए बदला मौसम

करो धैर्य-शर से अपने वश

बीज निवालों के बो दो

यदि रूठा एक निवाला है।

जलधि पार मंज़िल है माना

मगर ज़रूरी हासिल करना

लहरें आँख दिखाएँ भी तो

आँख मिला उन पर पग धरना

नाव खोल तिरपाल तान लो

बाकी अभी उजाला है।

-कल्पना रामानी

din kahataa hai karo jatan kuch

dinakar dhalane waalaa hai

·

jeewan ko mat jang lagaao

beetee bhor naheen phir aatee

jyoti-kalash ban, jaaenge pal

bas baalo man-bal kee baatee

·

saath rakho karmon kee chaabee

agar bhaagy par taalaa hai

·

gam aae yadi galaa ghontane

himmat kaa dikhalaao ankush

agar daraae badalaa mausam

karo dhairy-shar se apane wash

·

beej niwaalon ke bo do

yadi roothaa ek niwaalaa hai

·

jaladhi paar manzil hai maanaa

magar zarooree haasil karanaa

laharen aankh dikhaaen bhee to

aankh milaa un par pag dharanaa

·

naaw khol tirapaal taan lo

baakee abhee ujaalaa hai

·

-kalpanaa raamaanee

दिन कहता है करो जतन कुछ

दिनकर ढलने वाला है।

जीवन को मत जंग लगाओ

बीती भोर नहीं फिर आती

ज्योति-कलश बन, जाएँगे पल

बस बालो मन-बल की बाती

साथ रखो कर्मों की चाबी

अगर भाग्य पर ताला है।

गम आए यदि गला घोंटने

हिम्मत का दिखलाओ अंकुश

अगर डराए बदला मौसम

करो धैर्य-शर से अपने वश

बीज निवालों के बो दो

यदि रूठा एक निवाला है।

जलधि पार मंज़िल है माना

मगर ज़रूरी हासिल करना

लहरें आँख दिखाएँ भी तो

आँख मिला उन पर पग धरना

नाव खोल तिरपाल तान लो

बाकी अभी उजाला है।

-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗