जब धरा पर धूम से jab dharaa par dhoom se जब धरा पर धूम से
जब धरा पर
धूम से ऋतु शीत आती
है
दीन हीनों पर पसर आसन
जमाती है।
खूब भाते हैं खुले
डेरे इसे
प्यार से यह पाश में
उनको कसे
ज़ुल्म ने फरियाद उनकी
कब सुनी
जो किसी दूजे ठिकाने
यह बसे
बंद घर
देते नहीं हैं भाव जब
इसको
बेबसों फुटपथियों पर
ताव
खाती है
जब इसे संपन्नता
है ठेलती
गर्म कमरों का कहर
यह झेलती
खोजती फिर काँपते
कोने कहीं &
jab dharaa par
dhoom se riitu sheet aatee
hai
deen heenon par pasar aasan
jamaatee hai
khoob bhaate hain khule
dere ise
pyaar se yah paash men
unako kase
zulm ne phariyaad unakee
kab sunee
jo kisee dooje thikaane
yah base
band ghar
dete naheen hain bhaaw jab
isako
bebason phutapathiyon par
taaw
khaatee hai
jab ise sanpannataa
hai thelatee
garm kamaron kaa kahar
yah jhelatee
khojatee phir kaanpate
kone kaheen &
जब धरा पर
धूम से ऋतु शीत आती
है
दीन हीनों पर पसर आसन
जमाती है।
खूब भाते हैं खुले
डेरे इसे
प्यार से यह पाश में
उनको कसे
ज़ुल्म ने फरियाद उनकी
कब सुनी
जो किसी दूजे ठिकाने
यह बसे
बंद घर
देते नहीं हैं भाव जब
इसको
बेबसों फुटपथियों पर
ताव
खाती है
जब इसे संपन्नता
है ठेलती
गर्म कमरों का कहर
यह झेलती
खोजती फिर काँपते
कोने कहीं &