कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ८९ / १६४ № 89 of 164 रचना ८९ / १६४
१७ दिसम्बर २०१४ 17 December 2014 १७ दिसम्बर २०१४

नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत nootan warsh tumhaaraa svaagat नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत

विगत विलीन,उदित है आगत

॥

नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत।

॥

मन बंजारा भटक रहा था

॥

खोने का गम लिए निरंतर

॥

जीवन मूल्य नए पाने को

॥

ढूँढ रहा था नए जालघर।

॥

कोहरा छंटा,सामने पाया

॥

नूतन रूप सृष्टि का प्राकृत।

॥

दुश्चक्रों से घिरे वक्त का

॥

कुटिल रूप है धुँधलाया।

॥

सदमित्रों की एक नई

॥

सौगात नया मौसम लाया।

॥

स्नेह-सिक्त रिश्तों की गरिमा

॥

सहेजने को मन है उद्यत।

॥

एकाकी-पन हुआ

wigat wileen,udit hai aagat

·

nootan warsh tumhaaraa svaagat

·

man banjaaraa bhatak rahaa thaa

·

khone kaa gam lie nirantar

·

jeewan mooly nae paane ko

·

dhoondh rahaa thaa nae jaalaghar

·

koharaa chantaa,saamane paayaa

·

nootan roop sriishti kaa praakriit

·

dushchakron se ghire wakt kaa

·

kutil roop hai dhundhalaayaa

·

sadamitron kee ek naee

·

saugaat nayaa mausam laayaa

·

sneh-sikt rishton kee garimaa

·

sahejane ko man hai udyat

·

ekaakee-pan huaa

विगत विलीन,उदित है आगत

॥

नूतन वर्ष तुम्हारा स्वागत।

॥

मन बंजारा भटक रहा था

॥

खोने का गम लिए निरंतर

॥

जीवन मूल्य नए पाने को

॥

ढूँढ रहा था नए जालघर।

॥

कोहरा छंटा,सामने पाया

॥

नूतन रूप सृष्टि का प्राकृत।

॥

दुश्चक्रों से घिरे वक्त का

॥

कुटिल रूप है धुँधलाया।

॥

सदमित्रों की एक नई

॥

सौगात नया मौसम लाया।

॥

स्नेह-सिक्त रिश्तों की गरिमा

॥

सहेजने को मन है उद्यत।

॥

एकाकी-पन हुआ

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗