कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४४ / २०४ № 44 of 204 रचना ४४ / २०४
११ मई २०१४ 11 May 2014 ११ मई २०१४

माँ की दुआ maan kee duaa माँ की दुआ

ब्रह्म

के ब्रह्मांड पर,

उपकार है माँ की दुआ।

दैव्य

से हमको मिला, उपहार है माँ की दुआ।

भोग

भव के हैं सभी, फीके अगर संतान को

मिल

न पाए जो भुवन का,

सार है माँ की दुआ।

माँ

के होते छू लें हमको,

कटु हवाएँ, क्या मजाल

पीर

से माँगी हुई, मनुहार है माँ की दुआ।

शक्ति

का यह वृत्त है, संतान को घेरे हुए

काल

भी झुकता ये वो, दरबार है माँ की दुआ।

ज़िंदगी

का पुण्य हर, करती है अर्पण माँ हमें

प्रार्थनाओं

से भरा, आगार है माँ की दुआ।

व्याधियों

में संग रहती, है सदा साया बनी

हर

तरह की व्याधि का, उपचार

है माँ की दुआ।

भाँप

लेती मुश्किलों को, ओट

से अज्ञात की

बन

कवच आ जाती ऐसा, प्यार है माँ की दुआ।

लाख

हों दुश्मन बली, पर है हमारी जय अभंग

साथ

बलशाली अगर, तलवार है माँ की दुआ।

छोडकर

इह लोक माँ, चाहे बसे परलोक में

पर

सदा हमसे जुड़ा, वो तार है माँ की दुआ।

अर्ज़

है यह ‘कल्पना’, सुख सर्व को माँ का मिले

हर

सुखी परिवार का, आधार है माँ की दुआ।

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

brahm

ke brahmaand par,

upakaar hai maan kee duaa

·

daivy

se hamako milaa, upahaar hai maan kee duaa

·

bhog

bhaw ke hain sabhee, pheeke agar santaan ko

·

mil

n paae jo bhuwan kaa,

saar hai maan kee duaa

·

maan

ke hote choo len hamako,

katu hawaaen, kyaa majaal

·

peer

se maangee huee, manuhaar hai maan kee duaa

·

shakti

kaa yah wriitt hai, santaan ko ghere hue

·

kaal

bhee jhukataa ye wo, darabaar hai maan kee duaa

·

zindagee

kaa puny har, karatee hai arpan maan hamen

·

praarthanaaon

se bharaa, aagaar hai maan kee duaa

·

wyaadhiyon

men sang rahatee, hai sadaa saayaa banee

·

har

tarah kee wyaadhi kaa, upachaar

hai maan kee duaa

·

bhaanp

letee mushkilon ko, ot

se ajnaat kee

·

ban

kawach aa jaatee aisaa, pyaar hai maan kee duaa

·

laakh

hon dushman balee, par hai hamaaree jay abhang

·

saath

balashaalee agar, talawaar hai maan kee duaa

·

chodakar

ih lok maan, chaahe base paralok men

·

par

sadaa hamase judaa, wo taar hai maan kee duaa

·

arz

hai yah ‘kalpanaa’, sukh sarv ko maan kaa mile

·

har

sukhee pariwaar kaa, aadhaar hai maan kee duaa

·

-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

ब्रह्म

के ब्रह्मांड पर,

उपकार है माँ की दुआ।

दैव्य

से हमको मिला, उपहार है माँ की दुआ।

भोग

भव के हैं सभी, फीके अगर संतान को

मिल

न पाए जो भुवन का,

सार है माँ की दुआ।

माँ

के होते छू लें हमको,

कटु हवाएँ, क्या मजाल

पीर

से माँगी हुई, मनुहार है माँ की दुआ।

शक्ति

का यह वृत्त है, संतान को घेरे हुए

काल

भी झुकता ये वो, दरबार है माँ की दुआ।

ज़िंदगी

का पुण्य हर, करती है अर्पण माँ हमें

प्रार्थनाओं

से भरा, आगार है माँ की दुआ।

व्याधियों

में संग रहती, है सदा साया बनी

हर

तरह की व्याधि का, उपचार

है माँ की दुआ।

भाँप

लेती मुश्किलों को, ओट

से अज्ञात की

बन

कवच आ जाती ऐसा, प्यार है माँ की दुआ।

लाख

हों दुश्मन बली, पर है हमारी जय अभंग

साथ

बलशाली अगर, तलवार है माँ की दुआ।

छोडकर

इह लोक माँ, चाहे बसे परलोक में

पर

सदा हमसे जुड़ा, वो तार है माँ की दुआ।

अर्ज़

है यह ‘कल्पना’, सुख सर्व को माँ का मिले

हर

सुखी परिवार का, आधार है माँ की दुआ।

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗