कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४५ / २०५ № 45 of 205 रचना ४५ / २०५
११ मई २०१४ 11 May 2014 ११ मई २०१४

माँ की दुआ maan kee duaa माँ की दुआ

ब्रह्म

के ब्रह्मांड पर,

उपकार है माँ की दुआ।

॥

दैव्य

से हमको मिला, उपहार है माँ की दुआ।

॥

भोग

भव के हैं सभी, फीके अगर संतान को

॥

मिल

न पाए जो भुवन का,

सार है माँ की दुआ।

॥

माँ

के होते छू लें हमको,

कटु हवाएँ, क्या मजाल

॥

पीर

से माँगी हुई, मनुहार है माँ की दुआ।

॥

शक्ति

का यह वृत्त है, संतान को घेरे हुए

॥

काल

भी झुकता ये वो, दरबार है माँ की दुआ।

॥

ज़िंदगी

का पुण्य हर, करती है अर्पण माँ हमें

॥

प्रार्थनाओं

से भरा, आगार है माँ की दुआ।

॥

व्याधियों

में संग रहती, है सदा साया बनी

॥

हर

तरह की व्याधि का, उपचार

है माँ की दुआ।

॥

भाँप

लेती मुश्किलों को, ओट

से अज्ञात की

॥

बन

कवच आ जाती ऐसा, प्यार है माँ की दुआ।

॥

लाख

हों दुश्मन बली, पर है हमारी जय अभंग

॥

साथ

बलशाली अगर, तलवार है माँ की दुआ।

॥

छोडकर

इह लोक माँ, चाहे बसे परलोक में

॥

पर

सदा हमसे जुड़ा, वो तार है माँ की दुआ।

॥

अर्ज़

है यह ‘कल्पना’, सुख सर्व को माँ का मिले

॥

हर

सुखी परिवार का, आधार है माँ की दुआ।

॥

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

brahm

ke brahmaand par,

upakaar hai maan kee duaa

·

daivy

se hamako milaa, upahaar hai maan kee duaa

·

bhog

bhaw ke hain sabhee, pheeke agar santaan ko

·

mil

n paae jo bhuwan kaa,

saar hai maan kee duaa

·

maan

ke hote choo len hamako,

katu hawaaen, kyaa majaal

·

peer

se maangee huee, manuhaar hai maan kee duaa

·

shakti

kaa yah wriitt hai, santaan ko ghere hue

·

kaal

bhee jhukataa ye wo, darabaar hai maan kee duaa

·

zindagee

kaa puny har, karatee hai arpan maan hamen

·

praarthanaaon

se bharaa, aagaar hai maan kee duaa

·

wyaadhiyon

men sang rahatee, hai sadaa saayaa banee

·

har

tarah kee wyaadhi kaa, upachaar

hai maan kee duaa

·

bhaanp

letee mushkilon ko, ot

se ajnaat kee

·

ban

kawach aa jaatee aisaa, pyaar hai maan kee duaa

·

laakh

hon dushman balee, par hai hamaaree jay abhang

·

saath

balashaalee agar, talawaar hai maan kee duaa

·

chodakar

ih lok maan, chaahe base paralok men

·

par

sadaa hamase judaa, wo taar hai maan kee duaa

·

arz

hai yah ‘kalpanaa’, sukh sarv ko maan kaa mile

·

har

sukhee pariwaar kaa, aadhaar hai maan kee duaa

·

-kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

ब्रह्म

के ब्रह्मांड पर,

उपकार है माँ की दुआ।

॥

दैव्य

से हमको मिला, उपहार है माँ की दुआ।

॥

भोग

भव के हैं सभी, फीके अगर संतान को

॥

मिल

न पाए जो भुवन का,

सार है माँ की दुआ।

॥

माँ

के होते छू लें हमको,

कटु हवाएँ, क्या मजाल

॥

पीर

से माँगी हुई, मनुहार है माँ की दुआ।

॥

शक्ति

का यह वृत्त है, संतान को घेरे हुए

॥

काल

भी झुकता ये वो, दरबार है माँ की दुआ।

॥

ज़िंदगी

का पुण्य हर, करती है अर्पण माँ हमें

॥

प्रार्थनाओं

से भरा, आगार है माँ की दुआ।

॥

व्याधियों

में संग रहती, है सदा साया बनी

॥

हर

तरह की व्याधि का, उपचार

है माँ की दुआ।

॥

भाँप

लेती मुश्किलों को, ओट

से अज्ञात की

॥

बन

कवच आ जाती ऐसा, प्यार है माँ की दुआ।

॥

लाख

हों दुश्मन बली, पर है हमारी जय अभंग

॥

साथ

बलशाली अगर, तलवार है माँ की दुआ।

॥

छोडकर

इह लोक माँ, चाहे बसे परलोक में

॥

पर

सदा हमसे जुड़ा, वो तार है माँ की दुआ।

॥

अर्ज़

है यह ‘कल्पना’, सुख सर्व को माँ का मिले

॥

हर

सुखी परिवार का, आधार है माँ की दुआ।

॥

-कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗