ठंडी हवा हर पेड़ की thandee hawaa har ped kee ठंडी हवा हर पेड़ की
गर्मियों की शान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
धूप में वरदान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
हर पथिक हारा थका, विश्राम है पाता यहाँ
भेद से अंजान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
नीम पीपल हों या वट, रखते हरा संसार को
गूढ यह विज्ञान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
हाँफते विहगों का प्यारा, नीड़ इनकी डालियाँ
और इनकी जान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
रुख बदलती है मगर, रूठे नहीं मुख मोड़कर
मोहिनी मृदु गान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
जो न साधन जोड़ पाते, वे शरण लेते यहाँ
दीन का भगवान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
‘कल्पना’ मिटने न दें, जीवन के अनुपम स्रोत को
सृष्टि का अनुदान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
garmiyon kee shaan hai, thandee hawaa har ped kee
dhoop men waradaan hai, thandee hawaa har ped kee
har pathik haaraa thakaa, wishraam hai paataa yahaan
bhed se anjaan hai, thandee hawaa har ped kee
neem peepal hon yaa wat, rakhate haraa sansaar ko
goodh yah wijnaan hai, thandee hawaa har ped kee
haanphate wihagon kaa pyaaraa, need inakee daaliyaan
aur inakee jaan hai, thandee hawaa har ped kee
rukh badalatee hai magar, roothe naheen mukh modakar
mohinee mriidu gaan hai, thandee hawaa har ped kee
jo n saadhan jod paate, we sharan lete yahaan
deen kaa bhagawaan hai, thandee hawaa har ped kee
‘kalpanaa’ mitane n den, jeewan ke anupam srot ko
sriishti kaa anudaan hai, thandee hawaa har ped kee
गर्मियों की शान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
धूप में वरदान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
हर पथिक हारा थका, विश्राम है पाता यहाँ
भेद से अंजान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
नीम पीपल हों या वट, रखते हरा संसार को
गूढ यह विज्ञान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
हाँफते विहगों का प्यारा, नीड़ इनकी डालियाँ
और इनकी जान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
रुख बदलती है मगर, रूठे नहीं मुख मोड़कर
मोहिनी मृदु गान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
जो न साधन जोड़ पाते, वे शरण लेते यहाँ
दीन का भगवान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।
‘कल्पना’ मिटने न दें, जीवन के अनुपम स्रोत को
सृष्टि का अनुदान है, ठंडी हवा हर पेड़ की।