लालच laalach लालच
वह शिकारी बड़ी देर से आश्चर्यचकित होकर उस चिड़िया को देख रहा था जो उसके बिछाए जाल में दाने न चुगकर चारों तरफ घूम-घूम कर जाल के कोने चोंच से उठा-उठा कर कुछ दूरी पर अपने चूजों की तरफ देखती हुई चीं-चीं कर रही थी। शिकारी सिर्फ चिड़िया ही नहीं, उन चूजों को भी उदरस्थ करना चाहता था, अतः उसे इंतज़ार था कि कब वे चूज़े दाने चुगने आएँ और वो...
लेकिन यह क्या! अचानक चिड़िया उड़ी और शिकारी के कान में चोंच मारकर यह कहते हुए अपने चूज़ों के पास पहुँच गई कि- “मूर्ख शिकारी, मैं तुम्हारी लालची प्रवृत्ति को बहुत अच्छी तरह जानती हूँ, मैं तो अपने बच्चों को पेट भरने के लिए लालच में आकर जाल के पास न आने की हिदायत के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा के गुर सिखा रही थी”।
********
wah shikaaree badee der se aashcharyachakit hokar us chidiyaa ko dekh rahaa thaa jo usake bichaae jaal men daane n chugakar chaaron taraph ghoom-ghoom kar jaal ke kone chonch se uthaa-uthaa kar kuch dooree par apane choojon kee taraph dekhatee huee cheen-cheen kar rahee thee shikaaree sirph chidiyaa hee naheen, un choojon ko bhee udarasth karanaa chaahataa thaa, atah use intazaar thaa ki kab we chooze daane chugane aaen aur wo
lekin yah kyaa! achaanak chidiyaa udee aur shikaaree ke kaan men chonch maarakar yah kahate hue apane choozon ke paas pahunch gaee ki- “moorkh shikaaree, main tumhaaree laalachee pravriitti ko bahut achchee tarah jaanatee hoon, main to apane bachchon ko pet bharane ke lie laalach men aakar jaal ke paas n aane kee hidaayat ke saath unhen apanee surakshaa ke gur sikhaa rahee thee”
********
वह शिकारी बड़ी देर से आश्चर्यचकित होकर उस चिड़िया को देख रहा था जो उसके बिछाए जाल में दाने न चुगकर चारों तरफ घूम-घूम कर जाल के कोने चोंच से उठा-उठा कर कुछ दूरी पर अपने चूजों की तरफ देखती हुई चीं-चीं कर रही थी। शिकारी सिर्फ चिड़िया ही नहीं, उन चूजों को भी उदरस्थ करना चाहता था, अतः उसे इंतज़ार था कि कब वे चूज़े दाने चुगने आएँ और वो...
लेकिन यह क्या! अचानक चिड़िया उड़ी और शिकारी के कान में चोंच मारकर यह कहते हुए अपने चूज़ों के पास पहुँच गई कि- “मूर्ख शिकारी, मैं तुम्हारी लालची प्रवृत्ति को बहुत अच्छी तरह जानती हूँ, मैं तो अपने बच्चों को पेट भरने के लिए लालच में आकर जाल के पास न आने की हिदायत के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा के गुर सिखा रही थी”।
********