कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ३६ / ११४ № 36 of 114 रचना ३६ / ११४
३ फ़रवरी २०१७ 3 February 2017 ३ फ़रवरी २०१७

लकीर /कहानी lakeer /kahaanee लकीर /कहानी

सुनो माँ...! मुझे जल्दी से उन सब नामों की सूची दे

दो जिनको निमंत्रण-पत्र भेजने हैं। स्वाति ने माँ को आवाज़ लगाते हुए कहा। रसोई में

व्यस्त सुनयना ने जल्दी से हाथ धोए और अलमारी से सूची वाली कॉपी निकालकर बेटी को

दे दी।

स्वाति अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के

लिए १५ दिन पहले ही मायके आ गई है ताकि शादी की तैयारियों में माँ का हाथ बँटा

सके। रिश्तेदारों को तो माँ ने काफी

suno maan! mujhe jaldee se un sab naamon kee soochee de

do jinako nimantran-patr bhejane hain svaati ne maan ko aawaaz lagaate hue kahaa rasoee men

wyast sunayanaa ne jaldee se haath dhoe aur alamaaree se soochee waalee kॉpee nikaalakar betee ko

de dee

·

svaati apane chote bhaaee kee shaadee men shaamil hone ke

lie 15 din pahale hee maayake aa gaee hai taaki shaadee kee taiyaariyon men maan kaa haath bantaa

sake rishtedaaron ko to maan ne kaaphee

सुनो माँ...! मुझे जल्दी से उन सब नामों की सूची दे

दो जिनको निमंत्रण-पत्र भेजने हैं। स्वाति ने माँ को आवाज़ लगाते हुए कहा। रसोई में

व्यस्त सुनयना ने जल्दी से हाथ धोए और अलमारी से सूची वाली कॉपी निकालकर बेटी को

दे दी।

स्वाति अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने के

लिए १५ दिन पहले ही मायके आ गई है ताकि शादी की तैयारियों में माँ का हाथ बँटा

सके। रिश्तेदारों को तो माँ ने काफी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗