कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ९० / ११४ № 90 of 114 रचना ९० / ११४
१७ दिसम्बर २०१९ 17 December 2019 १७ दिसम्बर २०१९

मैं तुमसे तलाक चाहती हूँ माँ! main tumase talaak chaahatee hoon maan! मैं तुमसे तलाक चाहती हूँ माँ!

आज बबिता ने कॉलेज की छुट्टियाँ हो जाने के बावजूद घर आने से इन्कार कर दिया. उसकी अंतिम वर्ष की परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी हैं. आज उसे घर वापस आना ही था. फोन करती हूँ तो काट देती है, बात भी नहीं करती...पता नहीं कहाँ जाएगी...चौथी कक्षा में थी, तब से मेरे साथ ही है...मगर जब से हाई स्कूल के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए छात्रावास में भर्ती किया है, उससे मिलने कम ही जाना हो पाता है. हाँ, वो ज़रूर बिना नागा

aaj babitaa ne kॉlej kee chuttiyaan ho jaane ke baawajood ghar aane se inkaar kar diyaa usakee antim warsh kee pareekshaaen samaapt ho chukee hain aaj use ghar waapas aanaa hee thaa phon karatee hoon to kaat detee hai, baat bhee naheen karateepataa naheen kahaan jaaegeechauthee kakshaa men thee, tab se mere saath hee haimagar jab se haaee skool ke baad kॉlej kee pढ़aaee ke lie chaatraawaas men bhartee kiyaa hai, usase milane kam hee jaanaa ho paataa hai haan, wo zaroor binaa naagaa

आज बबिता ने कॉलेज की छुट्टियाँ हो जाने के बावजूद घर आने से इन्कार कर दिया. उसकी अंतिम वर्ष की परीक्षाएँ समाप्त हो चुकी हैं. आज उसे घर वापस आना ही था. फोन करती हूँ तो काट देती है, बात भी नहीं करती...पता नहीं कहाँ जाएगी...चौथी कक्षा में थी, तब से मेरे साथ ही है...मगर जब से हाई स्कूल के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए छात्रावास में भर्ती किया है, उससे मिलने कम ही जाना हो पाता है. हाँ, वो ज़रूर बिना नागा

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗