कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना ७७ / ११४ № 77 of 114 रचना ७७ / ११४
१२ सितम्बर २०१९ 12 September 2019 १२ सितम्बर २०१९

परिणय के बाद parinay ke baad परिणय के बाद

मीरा ने ज्योंही रसोई का कचरा डालने के लिए घर के पिछवाड़े का द्वार खोला, सामने एक सुदर्शन युवक को उसी तरफ घूरता पाकर सकपका गई. उसने बिना इधर-उधर देखे जल्दी से ढेर पर कचरा डाला और अन्दर जाकर तुरंत द्वार बंद कर दिया. बड़ी मुश्किल से अपनी बढ़ी हुई धड़कनों पर काबू पाया. उसे समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वो कौन है और उसे इस तरह क्यों घूर रहा था...पहले तो कभी उसे वहाँ नहीं देखा.

मीरा का उस गाँव की निम्न

meeraa ne jyonhee rasoee kaa kacharaa daalane ke lie ghar ke pichawaade kaa dvaar kholaa, saamane ek sudarshan yuwak ko usee taraph ghoorataa paakar sakapakaa gaee usane binaa idhar-udhar dekhe jaldee se dher par kacharaa daalaa aur andar jaakar turant dvaar band kar diyaa badee mushkil se apanee bढ़ee huee dhadakanon par kaaboo paayaa use samajh men naheen aa rahaa thaa ki aakhir wo kaun hai aur use is tarah kyon ghoor rahaa thaapahale to kabhee use wahaan naheen dekhaa

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meeraa kaa us gaanv kee nimn

मीरा ने ज्योंही रसोई का कचरा डालने के लिए घर के पिछवाड़े का द्वार खोला, सामने एक सुदर्शन युवक को उसी तरफ घूरता पाकर सकपका गई. उसने बिना इधर-उधर देखे जल्दी से ढेर पर कचरा डाला और अन्दर जाकर तुरंत द्वार बंद कर दिया. बड़ी मुश्किल से अपनी बढ़ी हुई धड़कनों पर काबू पाया. उसे समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वो कौन है और उसे इस तरह क्यों घूर रहा था...पहले तो कभी उसे वहाँ नहीं देखा.

मीरा का उस गाँव की निम्न

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗