तकलीफ takaleeph तकलीफ
सुबह-सुबह लान में टहलते हुए दिवाकर रॉय के मन में
द्वंद्व छिड़ा हुआ था. पत्नी के निधन के बाद वो सारा व्यापार बेटे को सौंपकर अपना
समय किसी तरह घर के छोटे-छोटे कार्यों व पोते-पोती के साथ खेलने बतियाने में काट
रहे थे, लेकिन जब से डॉक्टर ने उसे एड्स से संक्रमित होना बताया है, बेटे-बहू का
व्यवहार उसके प्रति बदल गया है. डॉक्टर के यह कहने के बावजूद कि –यह बीमारी लाइलाज
ज़रूर है
subah-subah laan men tahalate hue diwaakar rॉy ke man men
dvandv chidaa huaa thaa patnee ke nidhan ke baad wo saaraa wyaapaar bete ko saunpakar apanaa
samay kisee tarah ghar ke chote-chote kaaryon w pote-potee ke saath khelane batiyaane men kaat
rahe the, lekin jab se dॉktar ne use eds se sankramit honaa bataayaa hai, bete-bahoo kaa
wyawahaar usake prati badal gayaa hai dॉktar ke yah kahane ke baawajood ki –yah beemaaree laailaaj
zaroor hai
सुबह-सुबह लान में टहलते हुए दिवाकर रॉय के मन में
द्वंद्व छिड़ा हुआ था. पत्नी के निधन के बाद वो सारा व्यापार बेटे को सौंपकर अपना
समय किसी तरह घर के छोटे-छोटे कार्यों व पोते-पोती के साथ खेलने बतियाने में काट
रहे थे, लेकिन जब से डॉक्टर ने उसे एड्स से संक्रमित होना बताया है, बेटे-बहू का
व्यवहार उसके प्रति बदल गया है. डॉक्टर के यह कहने के बावजूद कि –यह बीमारी लाइलाज
ज़रूर है