कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कहानी Story कहाणी · रचना २९ / ११४ № 29 of 114 रचना २९ / ११४
२० दिसम्बर २०१६ 20 December 2016 २० दिसम्बर २०१६

तमन्ना tamannaa तमन्ना

तमन्ना ने

जब से माँ से सुना कि ३१ दिसंबर को वे सब नए साल का स्वागत करने क्लब जाने वाले हैं

तो वो हर दिन कैलेंडर लेकर उलझी रहती और बेसब्री से ३१ दिसंबर का इंतज़ार करने लगी।

आखिर वो दिन आ ही गया और वो नई ड्रेस में तैयार होकर माँ-पिता के साथ क्लब पहुँच

गई। तरुणा ने अपनी ६ वर्षीय बिटिया को पोशाक ही ऐसी दिलाई थी कि वो किसी राजकुमारी

से कम नहीं लग रही थी। क्लब की सजावट देखकर

tamannaa ne

jab se maan se sunaa ki 31 disanbar ko we sab nae saal kaa svaagat karane klab jaane waale hain

to wo har din kailendar lekar ulajhee rahatee aur besabree se 31 disanbar kaa intazaar karane lagee

aakhir wo din aa hee gayaa aur wo naee dres men taiyaar hokar maan-pitaa ke saath klab pahunch

gaee tarunaa ne apanee 6 warsheey bitiyaa ko poshaak hee aisee dilaaee thee ki wo kisee raajakumaaree

se kam naheen lag rahee thee klab kee sajaawat dekhakar

तमन्ना ने

जब से माँ से सुना कि ३१ दिसंबर को वे सब नए साल का स्वागत करने क्लब जाने वाले हैं

तो वो हर दिन कैलेंडर लेकर उलझी रहती और बेसब्री से ३१ दिसंबर का इंतज़ार करने लगी।

आखिर वो दिन आ ही गया और वो नई ड्रेस में तैयार होकर माँ-पिता के साथ क्लब पहुँच

गई। तरुणा ने अपनी ६ वर्षीय बिटिया को पोशाक ही ऐसी दिलाई थी कि वो किसी राजकुमारी

से कम नहीं लग रही थी। क्लब की सजावट देखकर

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗