विचित्र विरासत wichitr wiraasat विचित्र विरासत
आज सासु
माँ की तेरहवीं है। मेहमानों के बीच उदासी ओढ़कर नकली आँसू बहाते हुए बहू संजना अब
उकता गई थी। एक ननद को छोडकर बाकी सभी मेहमान जा चुके थे। अब उसे इंतज़ार था सास की
विरासत में छोड़ी हुई चीज़ें देखने का, उनकी अलमारी की
चाबी की जानकारी केवल ननद मीना को ही थी। उसने सबके सामने अलमारी खोली। सामने ही
लॉकर की चाबी और एक कागज़ का पुर्जा पड़ा था। मीना ने माँ का लिखा हुआ संदेश पढ़ा, माँ ने
aaj saasu
maan kee terahaween hai mehamaanon ke beech udaasee oढ़kar nakalee aansoo bahaate hue bahoo sanjanaa ab
ukataa gaee thee ek nanad ko chodakar baakee sabhee mehamaan jaa chuke the ab use intazaar thaa saas kee
wiraasat men chodee huee cheezen dekhane kaa, unakee alamaaree kee
chaabee kee jaanakaaree kewal nanad meenaa ko hee thee usane sabake saamane alamaaree kholee saamane hee
lॉkar kee chaabee aur ek kaagaz kaa purjaa padaa thaa meenaa ne maan kaa likhaa huaa sandesh pढ़aa, maan ne
आज सासु
माँ की तेरहवीं है। मेहमानों के बीच उदासी ओढ़कर नकली आँसू बहाते हुए बहू संजना अब
उकता गई थी। एक ननद को छोडकर बाकी सभी मेहमान जा चुके थे। अब उसे इंतज़ार था सास की
विरासत में छोड़ी हुई चीज़ें देखने का, उनकी अलमारी की
चाबी की जानकारी केवल ननद मीना को ही थी। उसने सबके सामने अलमारी खोली। सामने ही
लॉकर की चाबी और एक कागज़ का पुर्जा पड़ा था। मीना ने माँ का लिखा हुआ संदेश पढ़ा, माँ ने