कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कह-मुकरी Kah-Mukri कह-मुकरी · रचना ७ / ११ № 7 of 11 रचना ७ / ११
१० नवम्बर २०१९ 10 November 2019 १० नवम्बर २०१९

कह-मुकरियाँ 31से 35 kah-mukariyaan 31se 35 कह-मुकरियाँ 31से 35

31)

जब से वो जीवन में आया।

रोम-रोम में प्यार समाया।

खिले फूल सा महका तन-मन

क्या सखि साजन?

ना सखि, यौवन!

32)

सखी! रात खिड़की से आया।

फूँक मारकर दिया बुझाया।

चैन लूट ले गया ठगोरा

क्या सखि साजन?

नहीं, झकोरा!

33)

उससे जुड़े हृदय के तार।

मुझे बुलाता बारंबार।

बोल सुरीले, बूझो कौन?

क्या सखि, साजन?

ना री, फोन!

34)

उससे मेरी रातें रोशन।

संग जागता रहता बन-ठन।

रूठे तो मन करता धक-धक

क्या सखि साजन?

ना सखि, दीपक?

35)

बार बार वो झाँका करता।

घंटों मुझको ताका करता।

रंग-रूप ज्यों एक नगीना

क्या सखि साजन?

ना, आईना!

31)

jab se wo jeewan men aayaa

rom-rom men pyaar samaayaa

khile phool saa mahakaa tan-man

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, yauwan!

·

32)

sakhee! raat khidakee se aayaa

phoonk maarakar diyaa bujhaayaa

chain loot le gayaa thagoraa

kyaa sakhi saajan?

naheen, jhakoraa!

·

33)

usase jude hriiday ke taar

mujhe bulaataa baaranbaar

bol sureele, boojho kaun?

kyaa sakhi, saajan?

naa ree, phon!

·

34)

usase meree raaten roshan

sang jaagataa rahataa ban-than

roothe to man karataa dhak-dhak

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, deepak?

·

35)

baar baar wo jhaankaa karataa

ghanton mujhako taakaa karataa

rang-roop jyon ek nageenaa

kyaa sakhi saajan?

naa, aaeenaa!

31)

जब से वो जीवन में आया।

रोम-रोम में प्यार समाया।

खिले फूल सा महका तन-मन

क्या सखि साजन?

ना सखि, यौवन!

32)

सखी! रात खिड़की से आया।

फूँक मारकर दिया बुझाया।

चैन लूट ले गया ठगोरा

क्या सखि साजन?

नहीं, झकोरा!

33)

उससे जुड़े हृदय के तार।

मुझे बुलाता बारंबार।

बोल सुरीले, बूझो कौन?

क्या सखि, साजन?

ना री, फोन!

34)

उससे मेरी रातें रोशन।

संग जागता रहता बन-ठन।

रूठे तो मन करता धक-धक

क्या सखि साजन?

ना सखि, दीपक?

35)

बार बार वो झाँका करता।

घंटों मुझको ताका करता।

रंग-रूप ज्यों एक नगीना

क्या सखि साजन?

ना, आईना!

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗