कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कह-मुकरी Kah-Mukri कह-मुकरी · रचना ६ / ११ № 6 of 11 रचना ६ / ११
१० नवम्बर २०१९ 10 November 2019 १० नवम्बर २०१९

कह-मुकरियाँ 26से 30 kah-mukariyaan 26se 30 कह-मुकरियाँ 26से 30

26)

बाहुपाश फैला सुविशाल।

मुझे जकड़ ले करे धमाल।

पोर-पोर हो जाता कूल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, पूल!

27)

चलते-चलते वो इतराए।

तान छेड़कर सुर में गाए।

झूम उठे सुन-सुन मन पागल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, पायल!

28)

संग चले वो सुख दुख बाँटे।

पथ की हर बाधा को छाँटे।

चूमे, चाटे, काटे पल-पल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, चप्पल!

29)

सुंदरता की वो है खान।

गुण इतने, क्या करूँ बखान।

नज़र मिले गम जाती भूल।

क्या सखी साजन?

ना सखि, फूल!

30)

प्यारा लगता उसका साथ।

रोज़ मिलाता मुझसे हाथ।

बने हमकदम अपना मान

क्या सखि साजन?

ना सखि लॉन!

26)

baahupaash phailaa suwishaal

mujhe jakad le kare dhamaal

por-por ho jaataa kool

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, pool!

·

27)

chalate-chalate wo itaraae

taan chedakar sur men gaae

jhoom uthe sun-sun man paagal

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, paayal!

·

28)

sang chale wo sukh dukh baante

path kee har baadhaa ko chaante

choome, chaate, kaate pal-pal

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, chappal!

·

29)

sundarataa kee wo hai khaan

gun itane, kyaa karoon bakhaan

nazar mile gam jaatee bhool

kyaa sakhee saajan?

naa sakhi, phool!

·

30)

pyaaraa lagataa usakaa saath

roz milaataa mujhase haath

bane hamakadam apanaa maan

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi lॉn!

26)

बाहुपाश फैला सुविशाल।

मुझे जकड़ ले करे धमाल।

पोर-पोर हो जाता कूल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, पूल!

27)

चलते-चलते वो इतराए।

तान छेड़कर सुर में गाए।

झूम उठे सुन-सुन मन पागल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, पायल!

28)

संग चले वो सुख दुख बाँटे।

पथ की हर बाधा को छाँटे।

चूमे, चाटे, काटे पल-पल।

क्या सखि साजन?

ना सखि, चप्पल!

29)

सुंदरता की वो है खान।

गुण इतने, क्या करूँ बखान।

नज़र मिले गम जाती भूल।

क्या सखी साजन?

ना सखि, फूल!

30)

प्यारा लगता उसका साथ।

रोज़ मिलाता मुझसे हाथ।

बने हमकदम अपना मान

क्या सखि साजन?

ना सखि लॉन!

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗