कह-मुकरियाँ १६ से २० kah-mukariyaan 16 se 20 कह-मुकरियाँ १६ से २०
16)
चिपका-चिपका साथ घूमता।
बाल सूँघता, गाल चूमता।
लट उलझाए वो मतवाला।
क्या सखि साजन?
ना सखि बाला!
17)
जी करता है उड़कर जाऊँ।
कुछ पल उसके संग बिताऊँ।
लेकिन दूर बहुत उसका घर
क्या सखि, साजन?
ना सखि, अम्बर!
18)
रातों को जब नींद न आए।
खिड़की खोल सखी, वो आए।
बाग बाग हो जाता मनवा।
क्या सखि प्रियतम?
ना री पुरवा!
19
उसको प्यार बहुत करती हूँ।
मगर पास जाते डरती हूँ।
दूर खड़ी देखूँ जी भरकर
क्या सखि, साजन?
ना सखि सागर!
20)
जब भी मेरा मन भर आए।
आँसू पोंछे प्यार जताए।
रखता मेरा पल-पल खयाल
क्या सखि, साजन?
ना सखि, रुमाल!
16)
chipakaa-chipakaa saath ghoomataa
baal soonghataa, gaal choomataa
lat ulajhaae wo matawaalaa
kyaa sakhi saajan?
naa sakhi baalaa!
17)
jee karataa hai udakar jaaoon
kuch pal usake sang bitaaoon
lekin door bahut usakaa ghar
kyaa sakhi, saajan?
naa sakhi, ambar!
18)
raaton ko jab neend n aae
khidakee khol sakhee, wo aae
baag baag ho jaataa manawaa
kyaa sakhi priyatam?
naa ree purawaa!
19
usako pyaar bahut karatee hoon
magar paas jaate daratee hoon
door khadee dekhoon jee bharakar
kyaa sakhi, saajan?
naa sakhi saagar!
20)
jab bhee meraa man bhar aae
aansoo ponche pyaar jataae
rakhataa meraa pal-pal khayaal
kyaa sakhi, saajan?
naa sakhi, rumaal!
16)
चिपका-चिपका साथ घूमता।
बाल सूँघता, गाल चूमता।
लट उलझाए वो मतवाला।
क्या सखि साजन?
ना सखि बाला!
17)
जी करता है उड़कर जाऊँ।
कुछ पल उसके संग बिताऊँ।
लेकिन दूर बहुत उसका घर
क्या सखि, साजन?
ना सखि, अम्बर!
18)
रातों को जब नींद न आए।
खिड़की खोल सखी, वो आए।
बाग बाग हो जाता मनवा।
क्या सखि प्रियतम?
ना री पुरवा!
19
उसको प्यार बहुत करती हूँ।
मगर पास जाते डरती हूँ।
दूर खड़ी देखूँ जी भरकर
क्या सखि, साजन?
ना सखि सागर!
20)
जब भी मेरा मन भर आए।
आँसू पोंछे प्यार जताए।
रखता मेरा पल-पल खयाल
क्या सखि, साजन?
ना सखि, रुमाल!