कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कह-मुकरी Kah-Mukri कह-मुकरी · रचना ८ / ११ № 8 of 11 रचना ८ / ११
१० नवम्बर २०१९ 10 November 2019 १० नवम्बर २०१९

कह-मुकरियाँ ६ से १० kah-mukariyaan 6 se 10 कह-मुकरियाँ ६ से १०

६)

रातों को वो मिलने आता।

नित्य नया इक रूप दिखाता।

लाज न आए, कैसा बंदा?

क्या सखि साजन?

ना सखि, चंदा!

७)

आते जाते मुझे निहारे।

पल-पल मेरा रूप सँवारे।

भला लगे उजला उसका तन।

क्या सखि साजन?

ना सखि दर्पन!

८)

साथ चले जब सीना ताने।

बात न वो फिर मेरी माने।

हाथ छुड़ाकर भागा जाता।

क्या सखि साजन?

ना सखि, छाता!

९)

सुबह सबेरे टेर लगाए।

जब तब कर्कश बोल सुनाए।

पाहुन को दे रोज़ बुलौवा।

क्या सखि, साजन?

ना सखि, कौवा!

१०)

उसका काला रंग न भाए।

गुण भी कोई नज़र न आए।

फिर भी लट्टू है उसपे मन।

क्या सखि साजन?

ना सखि, बैंगन!

6)

raaton ko wo milane aataa

nity nayaa ik roop dikhaataa

laaj n aae, kaisaa bandaa?

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, chandaa!

·

7)

aate jaate mujhe nihaare

pal-pal meraa roop sanvaare

bhalaa lage ujalaa usakaa tan

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi darpan!

·

8)

saath chale jab seenaa taane

baat n wo phir meree maane

haath chudaakar bhaagaa jaataa

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, chaataa!

·

9)

subah sabere ter lagaae

jab tab karkash bol sunaae

paahun ko de roz bulauwaa

kyaa sakhi, saajan?

naa sakhi, kauwaa!

·

10)

usakaa kaalaa rang n bhaae

gun bhee koee nazar n aae

phir bhee lattoo hai usape man

kyaa sakhi saajan?

naa sakhi, baingan!

६)

रातों को वो मिलने आता।

नित्य नया इक रूप दिखाता।

लाज न आए, कैसा बंदा?

क्या सखि साजन?

ना सखि, चंदा!

७)

आते जाते मुझे निहारे।

पल-पल मेरा रूप सँवारे।

भला लगे उजला उसका तन।

क्या सखि साजन?

ना सखि दर्पन!

८)

साथ चले जब सीना ताने।

बात न वो फिर मेरी माने।

हाथ छुड़ाकर भागा जाता।

क्या सखि साजन?

ना सखि, छाता!

९)

सुबह सबेरे टेर लगाए।

जब तब कर्कश बोल सुनाए।

पाहुन को दे रोज़ बुलौवा।

क्या सखि, साजन?

ना सखि, कौवा!

१०)

उसका काला रंग न भाए।

गुण भी कोई नज़र न आए।

फिर भी लट्टू है उसपे मन।

क्या सखि साजन?

ना सखि, बैंगन!

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗