कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ३० / ६३ № 30 of 63 रचना ३० / ६३
१९ अप्रैल २०१३ 19 April 2013 १९ अप्रैल २०१३

भारत भू पर राम थे.... bhaarat bhoo par raam the भारत भू पर राम थे....

भारत भू पर राम थे त्रेता युग

अवतार।

करने आए भूमि पर दुष्टों का

संहार।

दुष्टों का संहार, स्वयं को जन से

जोड़ा।

सिय का थामा हाथ धनुष शिवजी का

तोड़ा।

नवमी तिथि पर पर्व, चैत्र में मनता

घर-घर

जन्मे थे श्री राम, इसी दिन भारत भू

पर।

तुलसी की चौपाइयाँ, घर-घर के हों

गीत।

पुरुषोत्तम श्री राम की, जोड़ें मन से

प्रीत।

जोड़ें मन से प्रीत,

bhaarat bhoo par raam the tretaa yug

awataar

·

karane aae bhoomi par dushton kaa

sanhaar

·

dushton kaa sanhaar, svayan ko jan se

jodaa

·

siy kaa thaamaa haath dhanush shiwajee kaa

todaa

·

nawamee tithi par parv, chaitr men manataa

ghar-ghar

·

janme the shree raam, isee din bhaarat bhoo

par

·

tulasee kee chaupaaiyaan, ghar-ghar ke hon

geet

·

purushottam shree raam kee, joden man se

preet

·

joden man se preet,

भारत भू पर राम थे त्रेता युग

अवतार।

करने आए भूमि पर दुष्टों का

संहार।

दुष्टों का संहार, स्वयं को जन से

जोड़ा।

सिय का थामा हाथ धनुष शिवजी का

तोड़ा।

नवमी तिथि पर पर्व, चैत्र में मनता

घर-घर

जन्मे थे श्री राम, इसी दिन भारत भू

पर।

तुलसी की चौपाइयाँ, घर-घर के हों

गीत।

पुरुषोत्तम श्री राम की, जोड़ें मन से

प्रीत।

जोड़ें मन से प्रीत,

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗