करनी का फल धरणी देगी karanee kaa phal dharanee degee करनी का फल धरणी देगी
जीवन भर जिसने दी छाया
इन्सानों ने उसे मिटाया।
काट काट कर डाली डाली
छलनी कर दी जड़ से काया।
बरगद उखड़ा, पीपल उजड़ा
अमलतास ने छोड़ी आशा।
सड़क किनारे, खड़े अकेले
गुलमोहर को हुई हताशा।
पूछ रहा कचनार काँपकर
क्या दुख हमसे किसने पाया।
मन ही मन हैं पेड़ सोचते
सेवा का क्या यही सिला है?
प्राणहवा दी, भूख मिटाई
पथिको को विश्राम मिला है।
jeewan bhar jisane dee chaayaa
insaanon ne use mitaayaa
kaat kaat kar daalee daalee
chalanee kar dee jad se kaayaa
baragad ukhadaa, peepal ujadaa
amalataas ne chodee aashaa
sadak kinaare, khade akele
gulamohar ko huee hataashaa
pooch rahaa kachanaar kaanpakar
kyaa dukh hamase kisane paayaa
man hee man hain ped sochate
sewaa kaa kyaa yahee silaa hai?
praanahawaa dee, bhookh mitaaee
pathiko ko wishraam milaa hai
जीवन भर जिसने दी छाया
इन्सानों ने उसे मिटाया।
काट काट कर डाली डाली
छलनी कर दी जड़ से काया।
बरगद उखड़ा, पीपल उजड़ा
अमलतास ने छोड़ी आशा।
सड़क किनारे, खड़े अकेले
गुलमोहर को हुई हताशा।
पूछ रहा कचनार काँपकर
क्या दुख हमसे किसने पाया।
मन ही मन हैं पेड़ सोचते
सेवा का क्या यही सिला है?
प्राणहवा दी, भूख मिटाई
पथिको को विश्राम मिला है।