कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना १८ / ६३ № 18 of 63 रचना १८ / ६३
१३ दिसम्बर २०१२ 13 December 2012 १३ दिसम्बर २०१२

धीरे धीरे शीत की dheere dheere sheet kee धीरे धीरे शीत की

धीरे-धीरे शीत की, लहर चली चहुं

ओर।

ज़ीरो डिग्री में जमें,दिवस रात औ भोर।

दिवस रात औ भोर, सूर्य भी सिकुड़ा

सिमटा

आता है कुछ देर, गरम वस्त्रों

में लिपटा।

सर्द हवा विकराल, गात अंतर तक चीरे

लहर चली चहुं ओर, शीत की

धीरे-धीरे।

जितना भागें शीत से, उतने होंगे तंग।

अच्छा है हम दोस्ती, कर लें उसके संग।

कर लें उसके संग, इस तरह हो तैयारी

ताप सखा हो साथ, धूप भी

dheere-dheere sheet kee, lahar chalee chahun

or

·

zeero digree men jamen,diwas raat au bhor

·

diwas raat au bhor, soory bhee sikudaa

simataa

·

aataa hai kuch der, garam wastron

men lipataa

sard hawaa wikaraal, gaat antar tak cheere

·

lahar chalee chahun or, sheet kee

dheere-dheere

·

jitanaa bhaagen sheet se, utane honge tang

·

achchaa hai ham dostee, kar len usake sang

·

kar len usake sang, is tarah ho taiyaaree

·

taap sakhaa ho saath, dhoop bhee

धीरे-धीरे शीत की, लहर चली चहुं

ओर।

ज़ीरो डिग्री में जमें,दिवस रात औ भोर।

दिवस रात औ भोर, सूर्य भी सिकुड़ा

सिमटा

आता है कुछ देर, गरम वस्त्रों

में लिपटा।

सर्द हवा विकराल, गात अंतर तक चीरे

लहर चली चहुं ओर, शीत की

धीरे-धीरे।

जितना भागें शीत से, उतने होंगे तंग।

अच्छा है हम दोस्ती, कर लें उसके संग।

कर लें उसके संग, इस तरह हो तैयारी

ताप सखा हो साथ, धूप भी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗