पंछी बाँधे नीड़ panchee baandhe need पंछी बाँधे नीड़
तिनका तिनका जोड़कर, पंछी बांधे नीड़।
पर मानव समझा नहीं, उस प्राणी की पीर।
उस प्राणी की पीर, स्वार्थ बस अपना भाया
डाली डाली चीर, पेड़ ही काट गिराया।
क्या देंगे वो धीर, ह्रदय ही खाली जिनका
पंछी की वो नीड़, हो गई तिनका तिनका।
फँसा परिंदा जाल में, सांसत में हैं प्राण।
कैसे बंधन मुक्त हो, मिले कैद से त्राण।
मिले कैद से त्राण, पुनः आज़ादी पाए
मुक्त सांस के साथ, गगन में उड़ उड़
tinakaa tinakaa jodakar, panchee baandhe need
par maanaw samajhaa naheen, us praanee kee peer
us praanee kee peer, svaarth bas apanaa bhaayaa
daalee daalee cheer, ped hee kaat giraayaa
kyaa denge wo dheer, hraday hee khaalee jinakaa
panchee kee wo need, ho gaee tinakaa tinakaa
phansaa parindaa jaal men, saansat men hain praan
kaise bandhan mukt ho, mile kaid se traan
mile kaid se traan, punah aazaadee paae
mukt saans ke saath, gagan men ud ud
तिनका तिनका जोड़कर, पंछी बांधे नीड़।
पर मानव समझा नहीं, उस प्राणी की पीर।
उस प्राणी की पीर, स्वार्थ बस अपना भाया
डाली डाली चीर, पेड़ ही काट गिराया।
क्या देंगे वो धीर, ह्रदय ही खाली जिनका
पंछी की वो नीड़, हो गई तिनका तिनका।
फँसा परिंदा जाल में, सांसत में हैं प्राण।
कैसे बंधन मुक्त हो, मिले कैद से त्राण।
मिले कैद से त्राण, पुनः आज़ादी पाए
मुक्त सांस के साथ, गगन में उड़ उड़