कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना ३ / ६३ № 3 of 63 रचना ३ / ६३
१८ जुलाई २०१२ 18 July 2012 १८ जुलाई २०१२

पंछी बाँधे नीड़ panchee baandhe need पंछी बाँधे नीड़

तिनका तिनका जोड़कर, पंछी बांधे नीड़।

पर मानव समझा नहीं, उस प्राणी की पीर।

उस प्राणी की पीर, स्वार्थ बस अपना भाया

डाली डाली चीर, पेड़ ही काट गिराया।

क्या देंगे वो धीर, ह्रदय ही खाली जिनका

पंछी की वो नीड़, हो गई तिनका तिनका।

फँसा परिंदा जाल में, सांसत में हैं प्राण।

कैसे बंधन मुक्त हो, मिले कैद से त्राण।

मिले कैद से त्राण, पुनः आज़ादी पाए

मुक्त सांस के साथ, गगन में उड़ उड़

tinakaa tinakaa jodakar, panchee baandhe need

·

par maanaw samajhaa naheen, us praanee kee peer

·

us praanee kee peer, svaarth bas apanaa bhaayaa

·

daalee daalee cheer, ped hee kaat giraayaa

·

kyaa denge wo dheer, hraday hee khaalee jinakaa

·

panchee kee wo need, ho gaee tinakaa tinakaa

·

phansaa parindaa jaal men, saansat men hain praan

·

kaise bandhan mukt ho, mile kaid se traan

·

mile kaid se traan, punah aazaadee paae

·

mukt saans ke saath, gagan men ud ud

तिनका तिनका जोड़कर, पंछी बांधे नीड़।

पर मानव समझा नहीं, उस प्राणी की पीर।

उस प्राणी की पीर, स्वार्थ बस अपना भाया

डाली डाली चीर, पेड़ ही काट गिराया।

क्या देंगे वो धीर, ह्रदय ही खाली जिनका

पंछी की वो नीड़, हो गई तिनका तिनका।

फँसा परिंदा जाल में, सांसत में हैं प्राण।

कैसे बंधन मुक्त हो, मिले कैद से त्राण।

मिले कैद से त्राण, पुनः आज़ादी पाए

मुक्त सांस के साथ, गगन में उड़ उड़

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗