कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कुण्डलिया Kundaliya कुंडलिया · रचना २० / ६३ № 20 of 63 रचना २० / ६३
२६ दिसम्बर २०१२ 26 December 2012 २६ दिसम्बर २०१२

सुबह साँवली शाम सी subah saanvalee shaam see सुबह साँवली शाम सी

सुबह साँवली शाम सी, दिन हैं रात

समान।

॥

देख दिवाकर हो रहा, एक दीप का भान।

॥

एक दीप का भान, व्योम कुहरे में

बदला।

॥

तम ही तम चहुं ओर, गुम हुआ रंग

सुनहला।

॥

शीत चढ़ी परवान, हवाएँ हुईं बाँवली

॥

दिन हैं रात समान, शाम सी सुबह साँवली।

-----------------

॥

शीतल रानी अब हमें, कर दो तुम आज़ाद।

॥

जन जन तुमसे कर रहा, हाथ जोड़ फरियाद।

॥

हाथ जोड़ फरियाद, देश है यह दीनों

का।

॥

कुछ

subah saanvalee shaam see, din hain raat

samaan

·

dekh diwaakar ho rahaa, ek deep kaa bhaan

·

ek deep kaa bhaan, wyom kuhare men

badalaa

·

tam hee tam chahun or, gum huaa rang

sunahalaa

·

sheet chढ़ee parawaan, hawaaen hueen baanvalee

·

din hain raat samaan, shaam see subah saanvalee

-----------------

·

sheetal raanee ab hamen, kar do tum aazaad

·

jan jan tumase kar rahaa, haath jod phariyaad

·

haath jod phariyaad, desh hai yah deenon

kaa

·

kuch

सुबह साँवली शाम सी, दिन हैं रात

समान।

॥

देख दिवाकर हो रहा, एक दीप का भान।

॥

एक दीप का भान, व्योम कुहरे में

बदला।

॥

तम ही तम चहुं ओर, गुम हुआ रंग

सुनहला।

॥

शीत चढ़ी परवान, हवाएँ हुईं बाँवली

॥

दिन हैं रात समान, शाम सी सुबह साँवली।

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॥

शीतल रानी अब हमें, कर दो तुम आज़ाद।

॥

जन जन तुमसे कर रहा, हाथ जोड़ फरियाद।

॥

हाथ जोड़ फरियाद, देश है यह दीनों

का।

॥

कुछ

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗