सुबह साँवली शाम सी subah saanvalee shaam see सुबह साँवली शाम सी
सुबह साँवली शाम सी, दिन हैं रात
समान।
देख दिवाकर हो रहा, एक दीप का भान।
एक दीप का भान, व्योम कुहरे में
बदला।
तम ही तम चहुं ओर, गुम हुआ रंग
सुनहला।
शीत चढ़ी परवान, हवाएँ हुईं बाँवली
दिन हैं रात समान, शाम सी सुबह साँवली।
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शीतल रानी अब हमें, कर दो तुम आज़ाद।
जन जन तुमसे कर रहा, हाथ जोड़ फरियाद।
हाथ जोड़ फरियाद, देश है यह दीनों
का।
कुछ
subah saanvalee shaam see, din hain raat
samaan
dekh diwaakar ho rahaa, ek deep kaa bhaan
ek deep kaa bhaan, wyom kuhare men
badalaa
tam hee tam chahun or, gum huaa rang
sunahalaa
sheet chढ़ee parawaan, hawaaen hueen baanvalee
din hain raat samaan, shaam see subah saanvalee
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sheetal raanee ab hamen, kar do tum aazaad
jan jan tumase kar rahaa, haath jod phariyaad
haath jod phariyaad, desh hai yah deenon
kaa
kuch
सुबह साँवली शाम सी, दिन हैं रात
समान।
देख दिवाकर हो रहा, एक दीप का भान।
एक दीप का भान, व्योम कुहरे में
बदला।
तम ही तम चहुं ओर, गुम हुआ रंग
सुनहला।
शीत चढ़ी परवान, हवाएँ हुईं बाँवली
दिन हैं रात समान, शाम सी सुबह साँवली।
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शीतल रानी अब हमें, कर दो तुम आज़ाद।
जन जन तुमसे कर रहा, हाथ जोड़ फरियाद।
हाथ जोड़ फरियाद, देश है यह दीनों
का।
कुछ