आ गया नव वर्ष aa gayaa naw warsh आ गया नव वर्ष
आ गया नव वर्ष, हम स्वागत
करें कुछ इस तरह।
हर पुरानी पीर को
सबसे प्रथम
कर दें विदा।
धीर धरने का स्वयं
से हो नया
इक वायदा।
शौर्य-शर से काट, कर दें हर निराशा
का क़तल।
कर्म-कर से उलझनों
की गाँठ
सुलझाएँ सदा।
हाथ अपने है नया
सूरज उगाएँ
हर सुबह।
रात मावस में अगर
हो चंद्रमा
में दम नहीं।
प्रण के पथ पर
जुगनुओं की रोशनी
भी कम नहीं।
साधने हर हाल में
हैं साल-नव के
aa gayaa naw warsh, ham svaagat
karen kuch is tarah
har puraanee peer ko
sabase pratham
kar den widaa
dheer dharane kaa svayan
se ho nayaa
ik waayadaa
shaury-shar se kaat, kar den har niraashaa
kaa qatal
karm-kar se ulajhanon
kee gaanth
sulajhaaen sadaa
haath apane hai nayaa
sooraj ugaaen
har subah
raat maawas men agar
ho chandramaa
men dam naheen
pran ke path par
juganuon kee roshanee
bhee kam naheen
saadhane har haal men
hain saal-naw ke
आ गया नव वर्ष, हम स्वागत
करें कुछ इस तरह।
हर पुरानी पीर को
सबसे प्रथम
कर दें विदा।
धीर धरने का स्वयं
से हो नया
इक वायदा।
शौर्य-शर से काट, कर दें हर निराशा
का क़तल।
कर्म-कर से उलझनों
की गाँठ
सुलझाएँ सदा।
हाथ अपने है नया
सूरज उगाएँ
हर सुबह।
रात मावस में अगर
हो चंद्रमा
में दम नहीं।
प्रण के पथ पर
जुगनुओं की रोशनी
भी कम नहीं।
साधने हर हाल में
हैं साल-नव के