गाँव कुछ यादें दिला रहा है। gaanv kuch yaaden dilaa rahaa hai गाँव कुछ यादें दिला रहा है।
ओ निर्मोही! तुझे
गाँव कुछ
यादें दिला रहा है।
कर्ज़ यहाँ का माथे
धरकर
तूने शहर बसाया
उन प्रश्नों को कुछ
जवाब दे
जिनका गला दबाया
भला किसलिए इस आँगन
से
तुझको गिला रहा है?
खूँटा घर से उखाड़ अपना
बाहर जाकर गाड़ा
मीठी वंशी भूल बेसुरा
पीटा वहाँ नगाड़ा
o nirmohee! tujhe
gaanv kuch
yaaden dilaa rahaa hai
karz yahaan kaa maathe
dharakar
toone shahar basaayaa
un prashnon ko kuch
jawaab de
jinakaa galaa dabaayaa
bhalaa kisalie is aangan
se
tujhako gilaa rahaa hai?
khoontaa ghar se ukhaad apanaa
baahar jaakar gaadaa
meethee wanshee bhool besuraa
peetaa wahaan nagaadaa
ओ निर्मोही! तुझे
गाँव कुछ
यादें दिला रहा है।
कर्ज़ यहाँ का माथे
धरकर
तूने शहर बसाया
उन प्रश्नों को कुछ
जवाब दे
जिनका गला दबाया
भला किसलिए इस आँगन
से
तुझको गिला रहा है?
खूँटा घर से उखाड़ अपना
बाहर जाकर गाड़ा
मीठी वंशी भूल बेसुरा
पीटा वहाँ नगाड़ा