दिदिया के दो हाथ didiyaa ke do haath दिदिया के दो हाथ
वहाँ महल में जश्न
यहाँ
भूखी कुटिया में
दिदिया के दो हाथ, सूपड़ा
फटक रहे हैं।
अन्न जुटाया कुछ
दिदिया ने
रंग-रंग के उसमें
दाने।
शीत फाँकता चूल्हा
कल से
ताक रहा है गात
तपाने।
यहाँ खुला मैला जल-पोखर
वहाँ महल के
स्वच्छ ताल में, अंग लचीले
मटक रहे हैं।
भूसी खाकर भूखी
गैया
दूध सवाया देगी
मैया।
पा लेगी वो उन
महलों से
पय के बदले
wahaan mahal men jashn
yahaan
bhookhee kutiyaa men
didiyaa ke do haath, soopadaa
phatak rahe hain
ann jutaayaa kuch
didiyaa ne
rang-rang ke usamen
daane
sheet phaankataa choolhaa
kal se
taak rahaa hai gaat
tapaane
yahaan khulaa mailaa jal-pokhar
wahaan mahal ke
svachch taal men, ang lacheele
matak rahe hain
bhoosee khaakar bhookhee
gaiyaa
doodh sawaayaa degee
maiyaa
paa legee wo un
mahalon se
pay ke badale
वहाँ महल में जश्न
यहाँ
भूखी कुटिया में
दिदिया के दो हाथ, सूपड़ा
फटक रहे हैं।
अन्न जुटाया कुछ
दिदिया ने
रंग-रंग के उसमें
दाने।
शीत फाँकता चूल्हा
कल से
ताक रहा है गात
तपाने।
यहाँ खुला मैला जल-पोखर
वहाँ महल के
स्वच्छ ताल में, अंग लचीले
मटक रहे हैं।
भूसी खाकर भूखी
गैया
दूध सवाया देगी
मैया।
पा लेगी वो उन
महलों से
पय के बदले