कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ४३ / १६३ № 43 of 163 रचना ४३ / १६३
११ नवम्बर २०१३ 11 November 2013 ११ नवम्बर २०१३

हौसलों के पंख-सर्जना की उड़ान-यश मालवीय hausalon ke pankh-sarjanaa kee udaan-yash maalaweey हौसलों के पंख-सर्जना की उड़ान-यश मालवीय

रचनाधर्मिता

के बीज, किसी भी उम्र में रचनाकार मन में सुगबुगा सकते हैं और छाया दर दरख्त बन सकते

हैं। इनके साथ उम्र का कोई बंधन नहीं होता है। पाँच साल की तोतली उम्र से लेकर सौ साल

की जीवेत शरद: शतम वाली उम्र तक कविता या सृजन सतत संतरण कर सकता

है। इस बात की ताजा मिसाल है, मेज पर रखीखुली पाण्डुलिपि “हौसलों

के पंख” जिसकी रचनाकार हैं कल्पना रामानी। ब्लॉग या नेट की दुनिया से जुड़े बंधुओं के

लिए यह नाम

rachanaadharmitaa

ke beej, kisee bhee umr men rachanaakaar man men sugabugaa sakate hain aur chaayaa dar darakht ban sakate

hain inake saath umr kaa koee bandhan naheen hotaa hai paanch saal kee totalee umr se lekar sau saal

kee jeewet sharad: shatam waalee umr tak kawitaa yaa sriijan satat santaran kar sakataa

hai is baat kee taajaa misaal hai, mej par rakheekhulee paandulipi “hausalon

ke pankh” jisakee rachanaakaar hain kalpanaa raamaanee blॉg yaa net kee duniyaa se jude bandhuon ke

lie yah naam

रचनाधर्मिता

के बीज, किसी भी उम्र में रचनाकार मन में सुगबुगा सकते हैं और छाया दर दरख्त बन सकते

हैं। इनके साथ उम्र का कोई बंधन नहीं होता है। पाँच साल की तोतली उम्र से लेकर सौ साल

की जीवेत शरद: शतम वाली उम्र तक कविता या सृजन सतत संतरण कर सकता

है। इस बात की ताजा मिसाल है, मेज पर रखीखुली पाण्डुलिपि “हौसलों

के पंख” जिसकी रचनाकार हैं कल्पना रामानी। ब्लॉग या नेट की दुनिया से जुड़े बंधुओं के

लिए यह नाम

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗