कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १४५ / १६३ № 145 of 163 रचना १४५ / १६३
२७ नवम्बर २०१९ 27 November 2019 २७ नवम्बर २०१९

कल हो न हो kal ho n ho कल हो न हो

आज सच  है।

आज को हल  कीजिये

कल हो न हो।

स्वप्न जो देखे  उन्हें आकार दें।

भाव मन में जो बहें  विस्तार दें।

बाँध  मुट्ठी आज ही संकल्प की

कल्पनाओं को नया  आकार दें।

साधना से

सफल हर-पल कीजिये

कल हो न हो।

मन समंदर गूढ़ है  मंथन करें

धूप हो या छाँव  बस चिंतन करें।

मूल-मुद्दों पर मनन हो आज ही

कर्म तप से ताप तन  कंचन करें।

चिर विजय है

चाह चित से कीजिये

कल हो न हो।

आज सोए आप तो  खो जाएँगे।

गुमशुदा इतिहास को  दुहराएँगे।

फिसल जाएगा समय  यह रेत सा

क्या हुआ जो बाद में  पछताएँगे।

मन-तमस हर

आत्म उज्जवल कीजिये

कल हो न हो।

aaj sach hai

aaj ko hal keejiye

kal ho n ho

·

svapn jo dekhe unhen aakaar den

bhaaw man men jo bahen wistaar den

baandh mutthee aaj hee sankalp kee

kalpanaaon ko nayaa aakaar den

·

saadhanaa se

saphal har-pal keejiye

kal ho n ho

·

man samandar gooढ़ hai manthan karen

dhoop ho yaa chaanv bas chintan karen

mool-muddon par manan ho aaj hee

karm tap se taap tan kanchan karen

·

chir wijay hai

chaah chit se keejiye

kal ho n ho

·

aaj soe aap to kho jaaenge

gumashudaa itihaas ko duharaaenge

phisal jaaegaa samay yah ret saa

kyaa huaa jo baad men pachataaenge

·

man-tamas har

aatm ujjawal keejiye

kal ho n ho

आज सच  है।

आज को हल  कीजिये

कल हो न हो।

स्वप्न जो देखे  उन्हें आकार दें।

भाव मन में जो बहें  विस्तार दें।

बाँध  मुट्ठी आज ही संकल्प की

कल्पनाओं को नया  आकार दें।

साधना से

सफल हर-पल कीजिये

कल हो न हो।

मन समंदर गूढ़ है  मंथन करें

धूप हो या छाँव  बस चिंतन करें।

मूल-मुद्दों पर मनन हो आज ही

कर्म तप से ताप तन  कंचन करें।

चिर विजय है

चाह चित से कीजिये

कल हो न हो।

आज सोए आप तो  खो जाएँगे।

गुमशुदा इतिहास को  दुहराएँगे।

फिसल जाएगा समय  यह रेत सा

क्या हुआ जो बाद में  पछताएँगे।

मन-तमस हर

आत्म उज्जवल कीजिये

कल हो न हो।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗