कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना ५६ / १६४ № 56 of 164 रचना ५६ / १६४
२९ जनवरी २०१४ 29 January 2014 २९ जनवरी २०१४

यह घर है दिलबरों का yah ghar hai dilabaron kaa यह घर है दिलबरों का

यह घर हमारा रहबर,

॥

इस घर के हम सिकंदर,

॥

यह घर है रहबरों का,

॥

यह घर है दिलबरों का।

॥

बचपन की बाँसुरी है,

॥

यौवन की माधुरी।

॥

बंधन के बाँध इसमें,

॥

स्वाधीन साँस भी।

॥

गम हो खुशी हो चाहे,

॥

हमदम सदा यही।

॥

साथी है सहचरों का,

॥

यह घर है दिलबरों का।

॥

हर दिन की शाम है ये,

॥

हर रात की सहर।

yah ghar hamaaraa rahabar,

·

is ghar ke ham sikandar,

·

yah ghar hai rahabaron kaa,

·

yah ghar hai dilabaron kaa

·

bachapan kee baansuree hai,

·

yauwan kee maadhuree

·

bandhan ke baandh isamen,

·

svaadheen saans bhee

·

gam ho khushee ho chaahe,

·

hamadam sadaa yahee

·

saathee hai sahacharon kaa,

·

yah ghar hai dilabaron kaa

·

har din kee shaam hai ye,

·

har raat kee sahar

यह घर हमारा रहबर,

॥

इस घर के हम सिकंदर,

॥

यह घर है रहबरों का,

॥

यह घर है दिलबरों का।

॥

बचपन की बाँसुरी है,

॥

यौवन की माधुरी।

॥

बंधन के बाँध इसमें,

॥

स्वाधीन साँस भी।

॥

गम हो खुशी हो चाहे,

॥

हमदम सदा यही।

॥

साथी है सहचरों का,

॥

यह घर है दिलबरों का।

॥

हर दिन की शाम है ये,

॥

हर रात की सहर।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗