कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना २२ / ५२ № 22 of 52 रचना २२ / ५२
१३ जुलाई २०१६ 13 July 2016 १३ जुलाई २०१६

तूँ ही तूँ आँ toon hee toon aan तूँ ही तूँ आँ

पाणु

किथि गोल्हियाँ, अंदर में तूँ ही तूँ आँ।

जिस्मु

आ बाहिर,

जिगर

में,

तूँ

ही तूँ आँ।

दिल

दई थें दूरि नज़रुनि खाँ अचानक

पर

दिसाँ जादे नज़र में, तूँ ही तूँ आँ।

ख्वाब

थी हैरानु प्या मोटनि, जदहिं खाँ

पए

दिठऊँ,

हिन

ख्वाबघर में तूँ ही तूँ आँ।

धार

थ्यूँ पल में रुसी, साथिनि जूँ यादियूँ

याद

पल-पल हर पहर में, तूँ ही तूँ आँ।

दिल

नथी थे,

देव

पूज्याँ,

कहिं

मंदर में

देव!

मुहिंजे

paanu

kithi golhiyaan, andar men toon hee toon aan

·

jismu

aa baahir,

jigar

men,

toon

hee toon aan

·

dil

daee then doori nazaruni khaan achaanak

·

par

disaan jaade nazar men, toon hee toon aan

·

khvaab

thee hairaanu pyaa motani, jadahin khaan

·

pae

dithaoon,

hin

khvaabaghar men toon hee toon aan

·

dhaar

thyoon pal men rusee, saathini joon yaadiyoon

·

yaad

pal-pal har pahar men, toon hee toon aan

·

dil

nathee the,

dew

poojyaan,

kahin

mandar men

·

dew!

muhinje

पाणु

किथि गोल्हियाँ, अंदर में तूँ ही तूँ आँ।

जिस्मु

आ बाहिर,

जिगर

में,

तूँ

ही तूँ आँ।

दिल

दई थें दूरि नज़रुनि खाँ अचानक

पर

दिसाँ जादे नज़र में, तूँ ही तूँ आँ।

ख्वाब

थी हैरानु प्या मोटनि, जदहिं खाँ

पए

दिठऊँ,

हिन

ख्वाबघर में तूँ ही तूँ आँ।

धार

थ्यूँ पल में रुसी, साथिनि जूँ यादियूँ

याद

पल-पल हर पहर में, तूँ ही तूँ आँ।

दिल

नथी थे,

देव

पूज्याँ,

कहिं

मंदर में

देव!

मुहिंजे

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗