कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना २४ / ५२ № 24 of 52 रचना २४ / ५२
१७ जुलाई २०१६ 17 July 2016 १७ जुलाई २०१६

झंगलनि में jhangalani men झंगलनि में

कल्ह

दिठो मूँ वण रोअनि प्या झंगलनि में।

घर

छदे, पाखी भजनि

प्या,

झंगलनि

में।

जिएँ

हल्यूँ कहरी कुहाड्यूँ, पाड़ खोट्रिण

दाँह

दई दरखत किरनि प्या, झंगलनि में।

धार

थी बेहोश टारिनि प्राण त्याग्या

पन

मुअल उदंदा वञनि प्या, झंगलनि में।

सिजु

बुदी व्यो दींह में, भटकी मुसाफिर

हालु

हैरत साँ दिसनि प्या, झंगलनि में।

हकु

असाँजो छो हज़म थ्यो, हाक़िमनि खाँ

चौपदा

रोई पुछनि प्या,

झंगलनि

kalh

ditho moon wan roani pyaa jhangalani men

·

ghar

chade, paakhee bhajani

pyaa,

jhangalani

men

·

jien

halyoon kaharee kuhaadyoon, paad khotrin

·

daanh

daee darakhat kirani pyaa, jhangalani men

·

dhaar

thee behosh taarini praan tyaagyaa

·

pan

mual udandaa wanani pyaa, jhangalani men

·

siju

budee wyo deenh men, bhatakee musaaphir

·

haalu

hairat saan disani pyaa, jhangalani men

·

haku

asaanjo cho hazam thyo, haaqimani khaan

·

chaupadaa

roee puchani pyaa,

jhangalani

कल्ह

दिठो मूँ वण रोअनि प्या झंगलनि में।

घर

छदे, पाखी भजनि

प्या,

झंगलनि

में।

जिएँ

हल्यूँ कहरी कुहाड्यूँ, पाड़ खोट्रिण

दाँह

दई दरखत किरनि प्या, झंगलनि में।

धार

थी बेहोश टारिनि प्राण त्याग्या

पन

मुअल उदंदा वञनि प्या, झंगलनि में।

सिजु

बुदी व्यो दींह में, भटकी मुसाफिर

हालु

हैरत साँ दिसनि प्या, झंगलनि में।

हकु

असाँजो छो हज़म थ्यो, हाक़िमनि खाँ

चौपदा

रोई पुछनि प्या,

झंगलनि

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗