कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४९ / ५२ № 49 of 52 रचना ४९ / ५२
१८ सितम्बर २०१६ 18 September 2016 १८ सितम्बर २०१६

रीस भली करि, साड़ु न रखु तूँ rees bhalee kari, saadu n rakhu toon रीस भली करि, साड़ु न रखु तूँ

रीस

भली करि, साड़ु न रखु तूँ

॥

धिके

न कहिंखे अगिते वधु तूँ

॥

जेको

दानु करिणु थो चाहें

॥

पाण

उहो फलु पहिले चखु तूँ

॥

बाहिरि पेरु कढण खाँ पहले

॥

मौसम

खाँ बि इज़ाजत वठु तूँ

॥

रखिणो

थी जे रिश्तो कायमु

॥

कहिंखे

ओधरि दई न घुरु तूँ

॥

कींअ

न कंदा हू तोखे पहिंजो

॥

दिलि

पहिंजी पिणि खोले दिसु तूँ

॥

सही-गलत

छा कयुइ उमिरि भरि

इहो

‘कल्पना’ खुद खाँ पुछु तूँ

॥

-कल्पना रामानी

rees

bhalee kari, saadu n rakhu toon

·

dhike

n kahinkhe agite wadhu toon

·

jeko

daanu karinu tho chaahen

·

paan

uho phalu pahile chakhu toon

·

baahiri peru kadhan khaan pahale

·

mausam

khaan bi izaajat wathu toon

·

rakhino

thee je rishto kaayamu

·

kahinkhe

odhari daee n ghuru toon

·

keen

n kandaa hoo tokhe pahinjo

·

dili

pahinjee pini khole disu toon

·

sahee-galat

chaa kayui umiri bhari

iho

‘kalpanaa’ khud khaan puchu toon

·

-kalpanaa raamaanee

रीस

भली करि, साड़ु न रखु तूँ

॥

धिके

न कहिंखे अगिते वधु तूँ

॥

जेको

दानु करिणु थो चाहें

॥

पाण

उहो फलु पहिले चखु तूँ

॥

बाहिरि पेरु कढण खाँ पहले

॥

मौसम

खाँ बि इज़ाजत वठु तूँ

॥

रखिणो

थी जे रिश्तो कायमु

॥

कहिंखे

ओधरि दई न घुरु तूँ

॥

कींअ

न कंदा हू तोखे पहिंजो

॥

दिलि

पहिंजी पिणि खोले दिसु तूँ

॥

सही-गलत

छा कयुइ उमिरि भरि

इहो

‘कल्पना’ खुद खाँ पुछु तूँ

॥

-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗