कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४८ / ५२ № 48 of 52 रचना ४८ / ५२
१८ सितम्बर २०१६ 18 September 2016 १८ सितम्बर २०१६

फगुण जूँ हवाऊँ phagun joon hawaaoon फगुण जूँ हवाऊँ

फगुण

जूँ हवाऊँ खणी रंगु आयूँ

॥

अचो

दोस्त! सभु गदिजी होली मनायूँ

॥

मिली

जेका बोनस में गणितिनि जी गठिड़ी

॥

उमंगुनि

जे रंगनि में तहिं खे वहायूँ

॥

खुशी-जोशु

केदो आ बारनि बुढनि में

॥

ट्रिड़नि

प्या गुलनि ज्याँ विराहे मिठायूँ

॥

पियनि

प्या, नचनि प्या, खणी भंग-प्यालो

॥

रँगनि

अहिड्यूँ सभिनी जूँ दिलिड्यूँ मिलायूँ

॥

जली

व्या फरक-फेर, सभु होलिका में

॥

दिलिनि

माँ सभिनि जे बरी थ्यूँ बुरायूँ

॥

दिसी बूरु

phagun

joon hawaaoon khanee rangu aayoon

·

acho

dost! sabhu gadijee holee manaayoon

·

milee

jekaa bonas men ganitini jee gathidee

·

umanguni

je rangani men tahin khe wahaayoon

·

khushee-joshu

kedo aa baarani budhani men

·

tridani

pyaa gulani jyaan wiraahe mithaayoon

·

piyani

pyaa, nachani pyaa, khanee bhang-pyaalo

·

rangani

ahidyoon sabhinee joon dilidyoon milaayoon

·

jalee

wyaa pharak-pher, sabhu holikaa men

·

dilini

maan sabhini je baree thyoon buraayoon

·

disee booru

फगुण

जूँ हवाऊँ खणी रंगु आयूँ

॥

अचो

दोस्त! सभु गदिजी होली मनायूँ

॥

मिली

जेका बोनस में गणितिनि जी गठिड़ी

॥

उमंगुनि

जे रंगनि में तहिं खे वहायूँ

॥

खुशी-जोशु

केदो आ बारनि बुढनि में

॥

ट्रिड़नि

प्या गुलनि ज्याँ विराहे मिठायूँ

॥

पियनि

प्या, नचनि प्या, खणी भंग-प्यालो

॥

रँगनि

अहिड्यूँ सभिनी जूँ दिलिड्यूँ मिलायूँ

॥

जली

व्या फरक-फेर, सभु होलिका में

॥

दिलिनि

माँ सभिनि जे बरी थ्यूँ बुरायूँ

॥

दिसी बूरु

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗