कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४५ / ५२ № 45 of 52 रचना ४५ / ५२
१८ सितम्बर २०१६ 18 September 2016 १८ सितम्बर २०१६

मोट्यो मींहु अबाणे motyo meenhu abaane मोट्यो मींहु अबाणे

मोट्यो

मींहु अबाणे, जल जा भरे भँडारा

॥

समुँड्र-नंदियूँ

प्या ट्रिड़नि निहारे पूर किनारा

॥

प्यास

मिटाए प्राणिनि जी, धरतीअ खे धोई

॥

आसमान

जो अङणु छदे व्या बादल कारा

॥

सरहा

थ्या सभु खेत,

बिजनि जूँ लगियूँ

कतारूँ

॥

हारियल

हारिनि जी किस्मत जा चमक्या तारा

॥

बण्या

सुकल बन सावा, वणु-वणु भरियो

पननि साँ

॥

वरी वरिया

वापस पहिंजे घरि

पंछी प्यारा

॥

वाका

करे लथा

motyo

meenhu abaane, jal jaa bhare bhandaaraa

·

samundr-nandiyoon

pyaa tridani nihaare poor kinaaraa

·

pyaas

mitaae praanini jee, dharateea khe dhoee

·

aasamaan

jo ananu chade wyaa baadal kaaraa

·

sarahaa

thyaa sabhu khet,

bijani joon lagiyoon

kataaroon

·

haariyal

haarini jee kismat jaa chamakyaa taaraa

·

banyaa

sukal ban saawaa, wanu-wanu bhariyo

panani saan

·

waree wariyaa

waapas pahinje ghari

panchee pyaaraa

·

waakaa

kare lathaa

मोट्यो

मींहु अबाणे, जल जा भरे भँडारा

॥

समुँड्र-नंदियूँ

प्या ट्रिड़नि निहारे पूर किनारा

॥

प्यास

मिटाए प्राणिनि जी, धरतीअ खे धोई

॥

आसमान

जो अङणु छदे व्या बादल कारा

॥

सरहा

थ्या सभु खेत,

बिजनि जूँ लगियूँ

कतारूँ

॥

हारियल

हारिनि जी किस्मत जा चमक्या तारा

॥

बण्या

सुकल बन सावा, वणु-वणु भरियो

पननि साँ

॥

वरी वरिया

वापस पहिंजे घरि

पंछी प्यारा

॥

वाका

करे लथा

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗