कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४४ / ५२ № 44 of 52 रचना ४४ / ५२
१८ सितम्बर २०१६ 18 September 2016 १८ सितम्बर २०१६

लगनि प्रेम जा मेला lagani prem jaa melaa लगनि प्रेम जा मेला

बुधाँ पई, अजुकल्ह माण्हुनि में प्यारु न

हूँदो आ

पर

हिन चविणीअ जो कोई आधारु न हूँदो आ

मूँ

त दिठो भरपूर प्यार साँ हीय दुनिया आहे

प्रेम

उहो कहिड़ो जिति खटपट, खारु न हूँदो आ

चाहे

सुहिणो बागु हुजे, पर लगंदो हिकु झंगलु

नज़र

अग्याँ जे दिलि-घुरंदड़ु दिलदारु न हूँदो आ

जिते

वदनि जा पेर घुमनि, हुति खुशी बि वासु कंदी

वदिड़नि

बिना वस्यलु कोई परिवारु न हूँदो आ

लगनि

प्रेम जा मेला, त

budhaan paee, ajukalh maanhuni men pyaaru n

hoondo aa

·

par

hin chawineea jo koee aadhaaru n hoondo aa

·

moon

t ditho bharapoor pyaar saan heey duniyaa aahe

·

prem

uho kahido jiti khatapat, khaaru n hoondo aa

·

chaahe

suhino baagu huje, par lagando hiku jhangalu

·

nazar

agyaan je dili-ghurandadu diladaaru n hoondo aa

·

jite

wadani jaa per ghumani, huti khushee bi waasu kandee

·

wadidani

binaa wasyalu koee pariwaaru n hoondo aa

·

lagani

prem jaa melaa, t

बुधाँ पई, अजुकल्ह माण्हुनि में प्यारु न

हूँदो आ

पर

हिन चविणीअ जो कोई आधारु न हूँदो आ

मूँ

त दिठो भरपूर प्यार साँ हीय दुनिया आहे

प्रेम

उहो कहिड़ो जिति खटपट, खारु न हूँदो आ

चाहे

सुहिणो बागु हुजे, पर लगंदो हिकु झंगलु

नज़र

अग्याँ जे दिलि-घुरंदड़ु दिलदारु न हूँदो आ

जिते

वदनि जा पेर घुमनि, हुति खुशी बि वासु कंदी

वदिड़नि

बिना वस्यलु कोई परिवारु न हूँदो आ

लगनि

प्रेम जा मेला, त

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗