कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना ४६ / ५२ № 46 of 52 रचना ४६ / ५२
१८ सितम्बर २०१६ 18 September 2016 १८ सितम्बर २०१६

नओं सालु आयो naon saalu aayo नओं सालु आयो

फिरी

मुँद जी फितरत, नओं सालु आयो

॥

खणी

सुख जी दौलत,

नओं

सालु आयो

॥

मिटाए

हथनि ताँ निभाग्यूँ लकीरूँ

॥

मट्यो

पहिंजी किस्मत,

नओं

सालु आयो

॥

जे

चाह्यो था पूरा थियनि सेघु सुपिना

॥

जप्यो

नामु मेहनत,

नओं

सालु आयो

॥

वयो

कुछु त छा थ्यो, घणो कुछु आ बाकी

॥

न

छदिणी आ हिम्मत, नओं सालु आयो

॥

दिसो सिर्फ़ु साम्हूं, न पुठिते निहारयो

॥

चवे

पई थी कुदरत,

नओं

सालु आयो

॥

विञायो

सुकूँ जिनि,

phiree

mund jee phitarat, naon saalu aayo

·

khanee

sukh jee daulat,

naon

saalu aayo

·

mitaae

hathani taan nibhaagyoon lakeeroon

·

matyo

pahinjee kismat,

naon

saalu aayo

·

je

chaahyo thaa pooraa thiyani seghu supinaa

·

japyo

naamu mehanat,

naon

saalu aayo

·

wayo

kuchu t chaa thyo, ghano kuchu aa baakee

·

n

chadinee aa himmat, naon saalu aayo

·

diso sirfu saamhoon, n puthite nihaarayo

·

chawe

paee thee kudarat,

naon

saalu aayo

·

winaayo

sukoon jini,

फिरी

मुँद जी फितरत, नओं सालु आयो

॥

खणी

सुख जी दौलत,

नओं

सालु आयो

॥

मिटाए

हथनि ताँ निभाग्यूँ लकीरूँ

॥

मट्यो

पहिंजी किस्मत,

नओं

सालु आयो

॥

जे

चाह्यो था पूरा थियनि सेघु सुपिना

॥

जप्यो

नामु मेहनत,

नओं

सालु आयो

॥

वयो

कुछु त छा थ्यो, घणो कुछु आ बाकी

॥

न

छदिणी आ हिम्मत, नओं सालु आयो

॥

दिसो सिर्फ़ु साम्हूं, न पुठिते निहारयो

॥

चवे

पई थी कुदरत,

नओं

सालु आयो

॥

विञायो

सुकूँ जिनि,

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗