कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १२ / ५२ № 12 of 52 रचना १२ / ५२
३ जून २०१६ 3 June 2016 ३ जून २०१६

अचु गदिजी गाल्हायूँ साथी achu gadijee gaalhaayoon saathee अचु गदिजी गाल्हायूँ साथी

वधंदड़ि विथी मिटायूँ साथी।

॥

अचु

गदिजी गाल्हायूँ साथी।

॥

रुस्यल

हुजाँ माँ, या कि रुसें तूँ

॥

हिक

बिए खे परिचायूँ साथी।

॥

तुहिंजो-मुहिंजो, चई छो पहिंजे

॥

सुख

में सेंध लगायूँ साथी।

॥

सोरे

चुभंदड़ कंडा, सेज ताँ

॥

गुलिड़ा

छो न विछायूँ साथी।

॥

सिक

जी लोली दई रात खे

॥

सुपिना

सुठा सदायूँ साथी

॥

प्रेम-दिये

जी लौ जिएँ भभके

॥

वेढ़ि

जी वटि छो वधायूँ साथी।

॥

दिल्यूँ

मिलनि जहिंसाँ, हिक

wadhandadi withee mitaayoon saathee

·

achu

gadijee gaalhaayoon saathee

·

rusyal

hujaan maan, yaa ki rusen toon

·

hik

bie khe parichaayoon saathee

·

tuhinjo-muhinjo, chaee cho pahinje

·

sukh

men sendh lagaayoon saathee

·

sore

chubhandad kandaa, sej taan

·

gulidaa

cho n wichaayoon saathee

·

sik

jee lolee daee raat khe

·

supinaa

suthaa sadaayoon saathee

·

prem-diye

jee lau jien bhabhake

·

weढ़i

jee wati cho wadhaayoon saathee

·

dilyoon

milani jahinsaan, hik

वधंदड़ि विथी मिटायूँ साथी।

॥

अचु

गदिजी गाल्हायूँ साथी।

॥

रुस्यल

हुजाँ माँ, या कि रुसें तूँ

॥

हिक

बिए खे परिचायूँ साथी।

॥

तुहिंजो-मुहिंजो, चई छो पहिंजे

॥

सुख

में सेंध लगायूँ साथी।

॥

सोरे

चुभंदड़ कंडा, सेज ताँ

॥

गुलिड़ा

छो न विछायूँ साथी।

॥

सिक

जी लोली दई रात खे

॥

सुपिना

सुठा सदायूँ साथी

॥

प्रेम-दिये

जी लौ जिएँ भभके

॥

वेढ़ि

जी वटि छो वधायूँ साथी।

॥

दिल्यूँ

मिलनि जहिंसाँ, हिक

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗