कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १४ / ५२ № 14 of 52 रचना १४ / ५२
३ जून २०१६ 3 June 2016 ३ जून २०१६

साजन तोखे वेठी सारियाँ saajan tokhe wethee saariyaan साजन तोखे वेठी सारियाँ

साजन

तोखे वेठी सारियाँ।

॥

हर-हर

पई माँ वाट निहारियाँ।

॥

अचे

टेरि तूँ मुहिंजीअ छिति ते

॥

चई

काँव खे पई पुकारियाँ।

॥

तूँ

बि त हूँदें मूँ बिन माँदो

॥

आथतु

दई पई दिल खे ठारियाँ।

॥

हिकु-हिकु

पलु जणु वरिह संदो आ

॥

दींह विरह जा कींअ गुज़ारियाँ।

॥

रोजु

रात निंड्र रुसी वञे थी

॥

लोली

दियाँ या थफे सुम्हारियाँ।

॥

कहिड़ी

दाइणि घुमी वई घरु

॥

सोचे

पई थी नज़र उतारियाँ।

॥

सरतियूँ

तो लइ रोजु पूछनि थ्यूँ

saajan

tokhe wethee saariyaan

·

har-har

paee maan waat nihaariyaan

·

ache

teri toon muhinjeea chiti te

·

chaee

kaanv khe paee pukaariyaan

·

toon

bi t hoonden moon bin maando

·

aathatu

daee paee dil khe thaariyaan

·

hiku-hiku

palu janu warih sando aa

·

deenh wirah jaa keen guzaariyaan

·

roju

raat nindr rusee wane thee

·

lolee

diyaan yaa thaphe sumhaariyaan

·

kahidee

daaini ghumee waee gharu

·

soche

paee thee nazar utaariyaan

·

saratiyoon

to lai roju poochani thyoon

साजन

तोखे वेठी सारियाँ।

॥

हर-हर

पई माँ वाट निहारियाँ।

॥

अचे

टेरि तूँ मुहिंजीअ छिति ते

॥

चई

काँव खे पई पुकारियाँ।

॥

तूँ

बि त हूँदें मूँ बिन माँदो

॥

आथतु

दई पई दिल खे ठारियाँ।

॥

हिकु-हिकु

पलु जणु वरिह संदो आ

॥

दींह विरह जा कींअ गुज़ारियाँ।

॥

रोजु

रात निंड्र रुसी वञे थी

॥

लोली

दियाँ या थफे सुम्हारियाँ।

॥

कहिड़ी

दाइणि घुमी वई घरु

॥

सोचे

पई थी नज़र उतारियाँ।

॥

सरतियूँ

तो लइ रोजु पूछनि थ्यूँ

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗