कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना ४३ / ६५ № 43 of 65 रचना ४३ / ६५
२९ जून २०१४ 29 June 2014 २९ जून २०१४

सार छंद//छन्न पकैया/परिचय saar chand//chann pakaiyaa/parichay सार छंद//छन्न पकैया/परिचय

सदस्य टीम प्रबंधन

सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

Posted by Saurabh Pandey on March 1, 2014 at 2:42pm in भारतीय छंद विधान

सार छंद एक अत्यंत सरल, गीतात्मक एवं लोकप्रिय मात्रिक छंद है.

हर पद के विषम या प्रथम चरण की कुल मात्रा १६ तथा सम या दूसरे चरण की कुल मात्रा १२ होती है. अर्थात, पदों की १६-१२ पर यति होती है.

पदों के दोनों चरणान्त गुरु-गुरु (ऽऽ, २२) या गुरु-लघु-लघु (ऽ।।, २११) या

sadasy teem prabandhan

·

saar chand/ chann pakaiyaa // --saurabh

·

posted by saurabh pandey on narch 1, 2014 at 2:42pm in bhaarateey chand widhaan

·

saar chand ek atyant saral, geetaatmak ewan lokapriy maatrik chand hai

·

har pad ke wisham yaa pratham charan kee kul maatraa 16 tathaa sam yaa doosare charan kee kul maatraa 12 hotee hai arthaat, padon kee 16-12 par yati hotee hai

·

padon ke donon charanaant guru-guru (aa, 22) yaa guru-laghu-laghu (a, 211) yaa

सदस्य टीम प्रबंधन

सार छंद/ छन्न पकैया // --सौरभ

Posted by Saurabh Pandey on March 1, 2014 at 2:42pm in भारतीय छंद विधान

सार छंद एक अत्यंत सरल, गीतात्मक एवं लोकप्रिय मात्रिक छंद है.

हर पद के विषम या प्रथम चरण की कुल मात्रा १६ तथा सम या दूसरे चरण की कुल मात्रा १२ होती है. अर्थात, पदों की १६-१२ पर यति होती है.

पदों के दोनों चरणान्त गुरु-गुरु (ऽऽ, २२) या गुरु-लघु-लघु (ऽ।।, २११) या

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗