कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना ३२ / ६७ № 32 of 67 रचना ३२ / ६७
२५ फ़रवरी २०१४ 25 February 2014 २५ फ़रवरी २०१४

जागो भारत वासियों jaago bhaarat waasiyon जागो भारत वासियों

जागो

भारतवासियों, आज वक्त की माँग।

॥

जो नकाब

में छिप रहे, तोड़ें उनका स्वाँग।

॥

जन-हित को

तैयार हों, लेकर जोश जुनून।

॥

साम दाम औ

भेद से, बने शक्त कानून।

॥

आज एकजुट

हों सभी, सुलग रहा है देश।

॥

हर संभव

तदवीर से, शुभता करे प्रवेश।

॥

युग निर्माता देश के, कर प्रयत्न दिन रात,

॥

आज़ादी की दे गए, हमें सुखद सौगात।

॥

प्राण निछावर कर दिये, हरने जन

jaago

bhaaratawaasiyon, aaj wakt kee maang

·

jo nakaab

men chip rahe, toden unakaa svaang

·

jan-hit ko

taiyaar hon, lekar josh junoon

·

saam daam au

bhed se, bane shakt kaanoon

·

aaj ekajut

hon sabhee, sulag rahaa hai desh

·

har sanbhaw

tadaweer se, shubhataa kare prawesh

·

yug nirmaataa desh ke, kar prayatn din raat,

·

aazaadee kee de gae, hamen sukhad saugaat

·

praan nichaawar kar diye, harane jan

जागो

भारतवासियों, आज वक्त की माँग।

॥

जो नकाब

में छिप रहे, तोड़ें उनका स्वाँग।

॥

जन-हित को

तैयार हों, लेकर जोश जुनून।

॥

साम दाम औ

भेद से, बने शक्त कानून।

॥

आज एकजुट

हों सभी, सुलग रहा है देश।

॥

हर संभव

तदवीर से, शुभता करे प्रवेश।

॥

युग निर्माता देश के, कर प्रयत्न दिन रात,

॥

आज़ादी की दे गए, हमें सुखद सौगात।

॥

प्राण निछावर कर दिये, हरने जन

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗