कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना ५ / ६५ № 5 of 65 रचना ५ / ६५
२ सितम्बर २०१२ 2 September 2012 २ सितम्बर २०१२

नारी सदा महान naaree sadaa mahaan नारी सदा महान

जब ब्रह्मा ने था रचा, सुंदर यह संसार।

लक्ष्मी जी ने खुद लिया, नारी का अवतार।

हर नारी होती सदा, रूप गुणों की खान।

ज्ञान चक्षु मनु खोलकर, उसका गुण पहचान।

अगर आपसे हो गया, नारी का अपमान।

शापित होंगे आप ही, बात लीजिये जान।

प्रेम, प्रेम से पाइए, नारी हृदय विशाल।

स्नेह सुरा, सुख, सम्पदा, से हों मालामाल।

नारी रूठी सुख गया,

jab brahmaa ne thaa rachaa, sundar yah sansaar

·

lakshmee jee ne khud liyaa, naaree kaa awataar

·

har naaree hotee sadaa, roop gunon kee khaan

·

jnaan chakshu manu kholakar, usakaa gun pahachaan

·

agar aapase ho gayaa, naaree kaa apamaan

·

shaapit honge aap hee, baat leejiye jaan

·

prem, prem se paaie, naaree hriiday wishaal

·

sneh suraa, sukh, sampadaa, se hon maalaamaal

·

naaree roothee sukh gayaa,

जब ब्रह्मा ने था रचा, सुंदर यह संसार।

लक्ष्मी जी ने खुद लिया, नारी का अवतार।

हर नारी होती सदा, रूप गुणों की खान।

ज्ञान चक्षु मनु खोलकर, उसका गुण पहचान।

अगर आपसे हो गया, नारी का अपमान।

शापित होंगे आप ही, बात लीजिये जान।

प्रेम, प्रेम से पाइए, नारी हृदय विशाल।

स्नेह सुरा, सुख, सम्पदा, से हों मालामाल।

नारी रूठी सुख गया,

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗