कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना ६ / ६७ № 6 of 67 रचना ६ / ६७
२ सितम्बर २०१२ 2 September 2012 २ सितम्बर २०१२

नारी सदा महान naaree sadaa mahaan नारी सदा महान

जब ब्रह्मा ने था रचा, सुंदर यह संसार।

॥

लक्ष्मी जी ने खुद लिया, नारी का अवतार।

॥

हर नारी होती सदा, रूप गुणों की खान।

॥

ज्ञान चक्षु मनु खोलकर, उसका गुण पहचान।

॥

अगर आपसे हो गया, नारी का अपमान।

॥

शापित होंगे आप ही, बात लीजिये जान।

॥

प्रेम, प्रेम से पाइए, नारी हृदय विशाल।

॥

स्नेह सुरा, सुख, सम्पदा, से हों मालामाल।

॥

नारी रूठी सुख गया,

jab brahmaa ne thaa rachaa, sundar yah sansaar

·

lakshmee jee ne khud liyaa, naaree kaa awataar

·

har naaree hotee sadaa, roop gunon kee khaan

·

jnaan chakshu manu kholakar, usakaa gun pahachaan

·

agar aapase ho gayaa, naaree kaa apamaan

·

shaapit honge aap hee, baat leejiye jaan

·

prem, prem se paaie, naaree hriiday wishaal

·

sneh suraa, sukh, sampadaa, se hon maalaamaal

·

naaree roothee sukh gayaa,

जब ब्रह्मा ने था रचा, सुंदर यह संसार।

॥

लक्ष्मी जी ने खुद लिया, नारी का अवतार।

॥

हर नारी होती सदा, रूप गुणों की खान।

॥

ज्ञान चक्षु मनु खोलकर, उसका गुण पहचान।

॥

अगर आपसे हो गया, नारी का अपमान।

॥

शापित होंगे आप ही, बात लीजिये जान।

॥

प्रेम, प्रेम से पाइए, नारी हृदय विशाल।

॥

स्नेह सुरा, सुख, सम्पदा, से हों मालामाल।

॥

नारी रूठी सुख गया,

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗