कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना १५ / ६५ № 15 of 65 रचना १५ / ६५
२४ नवम्बर २०१२ 24 November 2012 २४ नवम्बर २०१२

तुलसी पालनहार है tulasee paalanahaar hai तुलसी पालनहार है

तुलसी पालनहार है, कई गुणों की खान।

सुलभ सदा हर स्थान पर, बस इसको पहचान।

दिव्य औषधि रूप हैं, तुलसी के कुछ पात।

पूजा मन से कीजिये, समझें इसको मात।

ना माँगे सेवा घणी, नहीं अधिक घेराव।

निर्मल जल से सींचिए, श्रद्धा का हो भाव।

खांसी हो या ताप हो, पत्ते लें दो चार।

काढ़े में सेवन करें, बड़ा सुगम उपचार।

शमन

tulasee paalanahaar hai, kaee gunon kee khaan

·

sulabh sadaa har sthaan par, bas isako pahachaan

·

divy aushadhi roop hain, tulasee ke kuch paat

poojaa man se keejiye, samajhen isako maat

·

naa maange sewaa ghanee, naheen adhik gheraaw

·

nirmal jal se seenchie, shraddhaa kaa ho bhaaw

·

khaansee ho yaa taap ho, patte len do chaar

·

kaaढ़e men sewan karen, badaa sugam upachaar

·

shaman

तुलसी पालनहार है, कई गुणों की खान।

सुलभ सदा हर स्थान पर, बस इसको पहचान।

दिव्य औषधि रूप हैं, तुलसी के कुछ पात।

पूजा मन से कीजिये, समझें इसको मात।

ना माँगे सेवा घणी, नहीं अधिक घेराव।

निर्मल जल से सींचिए, श्रद्धा का हो भाव।

खांसी हो या ताप हो, पत्ते लें दो चार।

काढ़े में सेवन करें, बड़ा सुगम उपचार।

शमन

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗