कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी दोहा Doha दोहो · रचना १६ / ६७ № 16 of 67 रचना १६ / ६७
२४ नवम्बर २०१२ 24 November 2012 २४ नवम्बर २०१२

तुलसी पालनहार है tulasee paalanahaar hai तुलसी पालनहार है

तुलसी पालनहार है, कई गुणों की खान।

॥

सुलभ सदा हर स्थान पर, बस इसको पहचान।

॥

दिव्य औषधि रूप हैं, तुलसी के कुछ पात।

पूजा मन से कीजिये, समझें इसको मात।

॥

ना माँगे सेवा घणी, नहीं अधिक घेराव।

॥

निर्मल जल से सींचिए, श्रद्धा का हो भाव।

॥

खांसी हो या ताप हो, पत्ते लें दो चार।

॥

काढ़े में सेवन करें, बड़ा सुगम उपचार।

॥

शमन

tulasee paalanahaar hai, kaee gunon kee khaan

·

sulabh sadaa har sthaan par, bas isako pahachaan

·

divy aushadhi roop hain, tulasee ke kuch paat

poojaa man se keejiye, samajhen isako maat

·

naa maange sewaa ghanee, naheen adhik gheraaw

·

nirmal jal se seenchie, shraddhaa kaa ho bhaaw

·

khaansee ho yaa taap ho, patte len do chaar

·

kaaढ़e men sewan karen, badaa sugam upachaar

·

shaman

तुलसी पालनहार है, कई गुणों की खान।

॥

सुलभ सदा हर स्थान पर, बस इसको पहचान।

॥

दिव्य औषधि रूप हैं, तुलसी के कुछ पात।

पूजा मन से कीजिये, समझें इसको मात।

॥

ना माँगे सेवा घणी, नहीं अधिक घेराव।

॥

निर्मल जल से सींचिए, श्रद्धा का हो भाव।

॥

खांसी हो या ताप हो, पत्ते लें दो चार।

॥

काढ़े में सेवन करें, बड़ा सुगम उपचार।

॥

शमन

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗