सार छंद-यह सर्कस का खेला saar chand-yah sarkas kaa khelaa सार छंद-यह सर्कस का खेला
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, भरा हुआ है
मेला।
कितना
है रोमांचक देखो, यह
सर्कस का खेला ।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, ये भोले से
मुखड़े।
खुशियाँ
बाँट छिपाते अपने, हिय
में दारुण दुखड़े।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, आहा!
गजब तमाशा।
दौड़
रही रस्सी के पुल पर, एक
असीमित आशा।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, जग इससे
अनजाना।
आज
यहाँ, कल कहाँ
मिलेगा, इनको ठौर
ठिकाना।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया,
chann
pakaiyaa, chann pakaiyaa, bharaa huaa hai
melaa
kitanaa
hai romaanchak dekho, yah
sarkas kaa khelaa
chann
pakaiyaa, chann pakaiyaa, ye bhole se
mukhade
khushiyaan
baant chipaate apane, hiy
men daarun dukhade
chann
pakaiyaa, chann pakaiyaa, aahaa!
gajab tamaashaa
daud
rahee rassee ke pul par, ek
aseemit aashaa
chann
pakaiyaa, chann pakaiyaa, jag isase
anajaanaa
aaj
yahaan, kal kahaan
milegaa, inako thaur
thikaanaa
chann
pakaiyaa, chann pakaiyaa,
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, भरा हुआ है
मेला।
कितना
है रोमांचक देखो, यह
सर्कस का खेला ।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, ये भोले से
मुखड़े।
खुशियाँ
बाँट छिपाते अपने, हिय
में दारुण दुखड़े।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, आहा!
गजब तमाशा।
दौड़
रही रस्सी के पुल पर, एक
असीमित आशा।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया, जग इससे
अनजाना।
आज
यहाँ, कल कहाँ
मिलेगा, इनको ठौर
ठिकाना।
छन्न
पकैया, छन्न पकैया,