कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना २९ / २०४ № 29 of 204 रचना २९ / २०४
१० जनवरी २०१४ 10 January 2014 १० जनवरी २०१४

कल जंगलों का मातम, देखा करीब से kal jangalon kaa maatam, dekhaa kareeb se कल जंगलों का मातम, देखा करीब से

कल जंगलों का मातम, देखा क़रीब से।

पेड़ों को तोड़ते दम, देखा क़रीब से।

जो काल बनके आए, थे तो मनुष्य ही।

पर हाथ कितने निर्मम, देखा क़रीब से।

रह रह के ज़ालिमों की, चलती थीं आरियाँ।

बरबादियों का वो क्रम, देखा क़रीब से।

रोई थी डाली-डाली, काँपी थी हर दिशा।

फिर सिसकियों का आलम, देखा क़रीब से।

अपने ही राज से थे, जो बेदखल हुए।

उन चौपदों का वो गम, देखा करीब से।

यह हश्र देख वन का, मन टूटता गया।

दिन के उजाले में तम, देखा करीब से।

----कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

-कल्पना रामानी

kal jangalon kaa maatam, dekhaa qareeb se

pedon ko todate dam, dekhaa qareeb se

·

jo kaal banake aae, the to manushy hee

par haath kitane nirmam, dekhaa qareeb se

·

rah rah ke zaalimon kee, chalatee theen aariyaan

barabaadiyon kaa wo kram, dekhaa qareeb se

·

roee thee daalee-daalee, kaanpee thee har dishaa

phir sisakiyon kaa aalam, dekhaa qareeb se

·

apane hee raaj se the, jo bedakhal hue

un chaupadon kaa wo gam, dekhaa kareeb se

·

yah hashr dekh wan kaa, man tootataa gayaa

din ke ujaale men tam, dekhaa kareeb se

·

----kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

कल जंगलों का मातम, देखा क़रीब से।

पेड़ों को तोड़ते दम, देखा क़रीब से।

जो काल बनके आए, थे तो मनुष्य ही।

पर हाथ कितने निर्मम, देखा क़रीब से।

रह रह के ज़ालिमों की, चलती थीं आरियाँ।

बरबादियों का वो क्रम, देखा क़रीब से।

रोई थी डाली-डाली, काँपी थी हर दिशा।

फिर सिसकियों का आलम, देखा क़रीब से।

अपने ही राज से थे, जो बेदखल हुए।

उन चौपदों का वो गम, देखा करीब से।

यह हश्र देख वन का, मन टूटता गया।

दिन के उजाले में तम, देखा करीब से।

----कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗