कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १५० / २०४ № 150 of 204 रचना १५० / २०४
१६ जुलाई २०१७ 16 July 2017 १६ जुलाई २०१७

चर्चित होंगे नाम विश्व में charchit honge naam wishv men चर्चित होंगे नाम विश्व में

जो बतियाते सिर्फ कलम से, अँधियारों में।

वो कब छपते खबरों में या, अखबारों में।

नमन उन्हें जो, धर आते भर नेह उजाला

चुपके से इक दीप, तिमिर के ओसारों में।

राह दिखाते कोहरे-बरखा में जुगनू भी

आब न होती जब नभ के चंदा तारों में।

छल-बल देर-सबेर विजित होंगे निर्बल से

लिप्त रहा करते जो कुत्सित व्यापारों में।

सधा हुआ ही राग बंधु! गाया जाएगा

सत्य-मंच पर गीतों में या अशयारों में।

चर्चित होंगे नाम विश्व में वे भी ‘कल्पना’

जो रचते इतिहास घरों की दीवारों में।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

jo batiyaate sirph kalam se, andhiyaaron men

·

wo kab chapate khabaron men yaa, akhabaaron men

·

naman unhen jo, dhar aate bhar neh ujaalaa

·

chupake se ik deep, timir ke osaaron men

·

raah dikhaate kohare-barakhaa men juganoo bhee

·

aab n hotee jab nabh ke chandaa taaron men

·

chal-bal der-saber wijit honge nirbal se

·

lipt rahaa karate jo kutsit wyaapaaron men

·

sadhaa huaa hee raag bandhu! gaayaa jaaegaa

·

saty-manch par geeton men yaa ashayaaron men

·

charchit honge naam wishv men we bhee ‘kalpanaa’

·

jo rachate itihaas gharon kee deewaaron men

·

- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

जो बतियाते सिर्फ कलम से, अँधियारों में।

वो कब छपते खबरों में या, अखबारों में।

नमन उन्हें जो, धर आते भर नेह उजाला

चुपके से इक दीप, तिमिर के ओसारों में।

राह दिखाते कोहरे-बरखा में जुगनू भी

आब न होती जब नभ के चंदा तारों में।

छल-बल देर-सबेर विजित होंगे निर्बल से

लिप्त रहा करते जो कुत्सित व्यापारों में।

सधा हुआ ही राग बंधु! गाया जाएगा

सत्य-मंच पर गीतों में या अशयारों में।

चर्चित होंगे नाम विश्व में वे भी ‘कल्पना’

जो रचते इतिहास घरों की दीवारों में।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗