तेरा मेरा प्यार सखी teraa meraa pyaar sakhee तेरा मेरा प्यार सखी
इक
बंधन ने बाँध लिया है,
तेरा मेरा प्यार सखी।
जाने
कैसी डोर कहाँ से,
जोड़ गई हिय तर सखी।
इक दूजे को कब जाना है,
फिर भी कितने पास हुए
जो
दिखती तस्वीर सामने,
मन में भी आकार सखी।
जाने
किस कोने से आतीं,
मंत्र-मुग्ध सी आवाज़ें
सम्मोहित
सी आ जाती हूँ, पुनः यहीं हर बार सखी।
सावन
सूखा देख-देख कर,
पतझड़ को सच माना था
तन-मन
को कर गई तरंगित,
स्नेह की एक फुहार सखी।
सन्नाटों
की दुनिया में बस,
साँसों का ही साज़ सुना
मौन
हुआ मुखरित जब बरसी, रस-छंदों
की धार सखी।
जन्म
लिया गीतों ने जब इस मन में तेरा प्रेम बसा
और
‘कल्पना’ मिला वेब का, यह सुंदर
संसार सखी।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
ik
bandhan ne baandh liyaa hai,
teraa meraa pyaar sakhee
jaane
kaisee dor kahaan se,
jod gaee hiy tar sakhee
ik dooje ko kab jaanaa hai,
phir bhee kitane paas hue
jo
dikhatee tasveer saamane,
man men bhee aakaar sakhee
jaane
kis kone se aateen,
mantr-mugdh see aawaazen
sammohit
see aa jaatee hoon, punah yaheen har baar sakhee
saawan
sookhaa dekh-dekh kar,
patajhad ko sach maanaa thaa
tan-man
ko kar gaee tarangit,
sneh kee ek phuhaar sakhee
sannaaton
kee duniyaa men bas,
saanson kaa hee saaz sunaa
maun
huaa mukharit jab barasee, ras-chandon
kee dhaar sakhee
janm
liyaa geeton ne jab is man men teraa prem basaa
aur
‘kalpanaa’ milaa web kaa, yah sundar
sansaar sakhee
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
इक
बंधन ने बाँध लिया है,
तेरा मेरा प्यार सखी।
जाने
कैसी डोर कहाँ से,
जोड़ गई हिय तर सखी।
इक दूजे को कब जाना है,
फिर भी कितने पास हुए
जो
दिखती तस्वीर सामने,
मन में भी आकार सखी।
जाने
किस कोने से आतीं,
मंत्र-मुग्ध सी आवाज़ें
सम्मोहित
सी आ जाती हूँ, पुनः यहीं हर बार सखी।
सावन
सूखा देख-देख कर,
पतझड़ को सच माना था
तन-मन
को कर गई तरंगित,
स्नेह की एक फुहार सखी।
सन्नाटों
की दुनिया में बस,
साँसों का ही साज़ सुना
मौन
हुआ मुखरित जब बरसी, रस-छंदों
की धार सखी।
जन्म
लिया गीतों ने जब इस मन में तेरा प्रेम बसा
और
‘कल्पना’ मिला वेब का, यह सुंदर
संसार सखी।
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी