गुलाबी-गुलाबी हुआ आसमाँ है gulaabee-gulaabee huaa aasamaan hai गुलाबी-गुलाबी हुआ आसमाँ है
उमंगों
ने बाँधा कुछ ऐसा समाँ है
कि
रंगों में डूबा ये सारा जहाँ है
जले
होलिका में कपट क्लेश सारे
महज
मित्रता का ही आलम यहाँ है
हुई
एकजुट है,
अमीरी
गरीबी
नहीं
फर्क का कोई नामोनिशाँ हैं
गले
प्यार से मिल रहे राम-रहमत
न
अब दूरी उनके दिलों-दरमियाँ है
सँवरकर
रँगीले पलाशों का वन से
शहर
को चला झूमता कारवाँ है
उमर
से शिकायत भी होगी तो होगी
मगर
आज के दिन तो हर दिल जवाँ है
गली
गाँव में गेर,
के
हैं नज़ारे
तो
शहरों को होली-मिलन पर गुमाँ है
यों
फागुन ने हर मन के दागों को धोया
गुलाबी-गुलाबी, ज़मीं-आसमाँ
है
विदेशों
में भी ‘कल्पना’ खेल होली
प्रवासी
समझते कि भारत यहाँ है
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी
umangon
ne baandhaa kuch aisaa samaan hai
ki
rangon men doobaa ye saaraa jahaan hai
jale
holikaa men kapat klesh saare
mahaj
mitrataa kaa hee aalam yahaan hai
huee
ekajut hai,
ameeree
gareebee
naheen
phark kaa koee naamonishaan hain
gale
pyaar se mil rahe raam-rahamat
n
ab dooree unake dilon-daramiyaan hai
sanvarakar
rangeele palaashon kaa wan se
shahar
ko chalaa jhoomataa kaarawaan hai
umar
se shikaayat bhee hogee to hogee
magar
aaj ke din to har dil jawaan hai
galee
gaanv men ger,
ke
hain nazaare
to
shaharon ko holee-milan par gumaan hai
yon
phaagun ne har man ke daagon ko dhoyaa
gulaabee-gulaabee, zameen-aasamaan
hai
wideshon
men bhee ‘kalpanaa’ khel holee
prawaasee
samajhate ki bhaarat yahaan hai
-kalpanaa raamaanee
protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar
punah padhaarie
-kalpanaa raamaanee
उमंगों
ने बाँधा कुछ ऐसा समाँ है
कि
रंगों में डूबा ये सारा जहाँ है
जले
होलिका में कपट क्लेश सारे
महज
मित्रता का ही आलम यहाँ है
हुई
एकजुट है,
अमीरी
गरीबी
नहीं
फर्क का कोई नामोनिशाँ हैं
गले
प्यार से मिल रहे राम-रहमत
न
अब दूरी उनके दिलों-दरमियाँ है
सँवरकर
रँगीले पलाशों का वन से
शहर
को चला झूमता कारवाँ है
उमर
से शिकायत भी होगी तो होगी
मगर
आज के दिन तो हर दिल जवाँ है
गली
गाँव में गेर,
के
हैं नज़ारे
तो
शहरों को होली-मिलन पर गुमाँ है
यों
फागुन ने हर मन के दागों को धोया
गुलाबी-गुलाबी, ज़मीं-आसमाँ
है
विदेशों
में भी ‘कल्पना’ खेल होली
प्रवासी
समझते कि भारत यहाँ है
-कल्पना रामानी
प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार
पुनः पधारिए
-कल्पना रामानी