कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १४७ / २०४ № 147 of 204 रचना १४७ / २०४
५ जून २०१७ 5 June 2017 ५ जून २०१७

इस जनम में अब नहीं is janam men ab naheen इस जनम में अब नहीं

इस जनम में अब नहीं अपमान अपना मैं सहूँगी।

पीर से वर माँग, अपनी गोद, बेटी से भरूँगी।

कस शिकंजा ज़ालिमों के कत्ल का ऐलान होगा

लाड़ली! लेकिन तुम्हें क़ातिल हवा लगने न दूँगी

सुन जिसे पापी-पतित पछताएँ, अपना पीट लें सिर

लेखनी में भर लहू, ऐसी गज़ल हर दिन

कहूँगी।

‘दामिनी’ औ’ ‘निर्भया’ भयमुक्त हों ज्यों दानवों से

सिर उठा, संकल्प कर, कानून वो लागू

करूँगी।

चाहे क्यों ना काल मुझको ही गले अपने लगा ले

‘कल्पना’ पर मौत, बेटी! गर्भ में तुमको न दूँगी।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

is janam men ab naheen apamaan apanaa main sahoongee

·

peer se war maang, apanee god, betee se bharoongee

·

kas shikanjaa zaalimon ke katl kaa ailaan hogaa

·

laadalee! lekin tumhen qaatil hawaa lagane n doongee

·

sun jise paapee-patit pachataaen, apanaa peet len sir

·

lekhanee men bhar lahoo, aisee gazal har din

kahoongee

·

‘daaminee’ au’ ‘nirbhayaa’ bhayamukt hon jyon daanawon se

·

sir uthaa, sankalp kar, kaanoon wo laagoo

karoongee

·

chaahe kyon naa kaal mujhako hee gale apane lagaa le

·

‘kalpanaa’ par maut, betee! garbh men tumako n doongee

·

- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

इस जनम में अब नहीं अपमान अपना मैं सहूँगी।

पीर से वर माँग, अपनी गोद, बेटी से भरूँगी।

कस शिकंजा ज़ालिमों के कत्ल का ऐलान होगा

लाड़ली! लेकिन तुम्हें क़ातिल हवा लगने न दूँगी

सुन जिसे पापी-पतित पछताएँ, अपना पीट लें सिर

लेखनी में भर लहू, ऐसी गज़ल हर दिन

कहूँगी।

‘दामिनी’ औ’ ‘निर्भया’ भयमुक्त हों ज्यों दानवों से

सिर उठा, संकल्प कर, कानून वो लागू

करूँगी।

चाहे क्यों ना काल मुझको ही गले अपने लगा ले

‘कल्पना’ पर मौत, बेटी! गर्भ में तुमको न दूँगी।

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗