कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी ग़ज़ल Ghazal ग़ज़ल · रचना १४८ / २०५ № 148 of 205 रचना १४८ / २०५
५ जून २०१७ 5 June 2017 ५ जून २०१७

इस जनम में अब नहीं is janam men ab naheen इस जनम में अब नहीं

इस जनम में अब नहीं अपमान अपना मैं सहूँगी।

॥

पीर से वर माँग, अपनी गोद, बेटी से भरूँगी।

॥

कस शिकंजा ज़ालिमों के कत्ल का ऐलान होगा

॥

लाड़ली! लेकिन तुम्हें क़ातिल हवा लगने न दूँगी

॥

सुन जिसे पापी-पतित पछताएँ, अपना पीट लें सिर

॥

लेखनी में भर लहू, ऐसी गज़ल हर दिन

कहूँगी।

॥

‘दामिनी’ औ’ ‘निर्भया’ भयमुक्त हों ज्यों दानवों से

॥

सिर उठा, संकल्प कर, कानून वो लागू

करूँगी।

॥

चाहे क्यों ना काल मुझको ही गले अपने लगा ले

॥

‘कल्पना’ पर मौत, बेटी! गर्भ में तुमको न दूँगी।

॥

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

पुनः पधारिए

॥

-कल्पना रामानी

is janam men ab naheen apamaan apanaa main sahoongee

·

peer se war maang, apanee god, betee se bharoongee

·

kas shikanjaa zaalimon ke katl kaa ailaan hogaa

·

laadalee! lekin tumhen qaatil hawaa lagane n doongee

·

sun jise paapee-patit pachataaen, apanaa peet len sir

·

lekhanee men bhar lahoo, aisee gazal har din

kahoongee

·

‘daaminee’ au’ ‘nirbhayaa’ bhayamukt hon jyon daanawon se

·

sir uthaa, sankalp kar, kaanoon wo laagoo

karoongee

·

chaahe kyon naa kaal mujhako hee gale apane lagaa le

·

‘kalpanaa’ par maut, betee! garbh men tumako n doongee

·

- kalpanaa raamaanee protsaahit karatee huee sundar tippanee ke lie aapakaa haardik aabhaar

punah padhaarie

·

-kalpanaa raamaanee

इस जनम में अब नहीं अपमान अपना मैं सहूँगी।

॥

पीर से वर माँग, अपनी गोद, बेटी से भरूँगी।

॥

कस शिकंजा ज़ालिमों के कत्ल का ऐलान होगा

॥

लाड़ली! लेकिन तुम्हें क़ातिल हवा लगने न दूँगी

॥

सुन जिसे पापी-पतित पछताएँ, अपना पीट लें सिर

॥

लेखनी में भर लहू, ऐसी गज़ल हर दिन

कहूँगी।

॥

‘दामिनी’ औ’ ‘निर्भया’ भयमुक्त हों ज्यों दानवों से

॥

सिर उठा, संकल्प कर, कानून वो लागू

करूँगी।

॥

चाहे क्यों ना काल मुझको ही गले अपने लगा ले

॥

‘कल्पना’ पर मौत, बेटी! गर्भ में तुमको न दूँगी।

॥

- कल्पना रामानी प्रोत्साहित करती हुई सुंदर टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार

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-कल्पना रामानी

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗