हाथ तेरा थामना{प्रेम) haath teraa thaamanaa{prem) हाथ तेरा थामना{प्रेम)
कल हुआ जो वाक़या, अच्छा लगा।
हाथ तेरा थामना, अच्छा लगा।
जिस्म तो काँपा जो तूने, प्यार से
कुछ हथेली पर लिखा, अच्छा लगा।
देखकर मशगूल हमको इस कदर
चाँद का मुँह फेरना, अच्छा लगा।
घाट रेतीले जलधि के, नम हुए
मछलियों का तैरना, अच्छा लगा।
आसमाँ पर बिजलियों की, कौंध में
बादलों का काफ़िला, अच्छा लगा।
नाम ले तूने पुकारा, जब मुझे
वादियों में गूँज उठा, अच्छा लगा।
बर्फ में लिपटे पहाड़ों, का बहुत
दूर तक वो सिलसिला, अच्छा लगा।
“कल्पना” फिर वो तेरा, वादा प्रियम!
उम्र भर के साथ का, अच्छा लगा।
kal huaa jo waaqayaa, achchaa lagaa
haath teraa thaamanaa, achchaa lagaa
jism to kaanpaa jo toone, pyaar se
kuch hathelee par likhaa, achchaa lagaa
dekhakar mashagool hamako is kadar
chaand kaa munh pheranaa, achchaa lagaa
ghaat reteele jaladhi ke, nam hue
machaliyon kaa tairanaa, achchaa lagaa
aasamaan par bijaliyon kee, kaundh men
baadalon kaa kaafilaa, achchaa lagaa
naam le toone pukaaraa, jab mujhe
waadiyon men goonj uthaa, achchaa lagaa
barph men lipate pahaadon, kaa bahut
door tak wo silasilaa, achchaa lagaa
“kalpanaa” phir wo teraa, waadaa priyam!
umr bhar ke saath kaa, achchaa lagaa
कल हुआ जो वाक़या, अच्छा लगा।
हाथ तेरा थामना, अच्छा लगा।
जिस्म तो काँपा जो तूने, प्यार से
कुछ हथेली पर लिखा, अच्छा लगा।
देखकर मशगूल हमको इस कदर
चाँद का मुँह फेरना, अच्छा लगा।
घाट रेतीले जलधि के, नम हुए
मछलियों का तैरना, अच्छा लगा।
आसमाँ पर बिजलियों की, कौंध में
बादलों का काफ़िला, अच्छा लगा।
नाम ले तूने पुकारा, जब मुझे
वादियों में गूँज उठा, अच्छा लगा।
बर्फ में लिपटे पहाड़ों, का बहुत
दूर तक वो सिलसिला, अच्छा लगा।
“कल्पना” फिर वो तेरा, वादा प्रियम!
उम्र भर के साथ का, अच्छा लगा।