खुद थामों पतवार बेटियों khud thaamon patawaar betiyon खुद थामों पतवार बेटियों
खुद थामो पतवार बेटियों
नाव बचानी है।
मझधारे से तार तीर तक
लेकर जानी है।
क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।
जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।
तमगा उससे छीन बेटियों
करो दस्तखत स्वयं आज पर।
पत्थर की इस बार मिटे, जो
रेख पुरानी है।
जो समाज बैठा है तत्पर
तुम्हें निगलने घात लगाकर
मगरमच्छ वो मुँह की खाए
तुम रखना यों जाल बिछाकर
हो जाए लाचार इस तरह
जुगत भिड़ानी है।
हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।
कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।
इस बिसात का हर चौख़ाना
एक सुरक्षित कोट बना दे।
निकट न फटके हार हरिक यों
गोट जमानी है।
khud thaamo patawaar betiyon
naaw bachaanee hai
majhadhaare se taar teer tak
lekar jaanee hai
kyon nirbhar ho tum samaaj par
jisakee nazaren sirph raaj par
tamagaa usase cheen betiyon
karo dastakhat svayan aaj par
patthar kee is baar mite, jo
rekh puraanee hai
jo samaaj baithaa hai tatpar
tumhen nigalane ghaat lagaakar
magaramachch wo munh kee khaae
tum rakhanaa yon jaal bichaakar
ho jaae laachaar is tarah
jugat bhidaanee hai
hon wazeer ke dhvast iraade
kutil chaal chal saken n pyaade
is bisaat kaa har chaukaanaa
ek surakshit kot banaa de
nikat n phatake haar harik yon
got jamaanee hai
खुद थामो पतवार बेटियों
नाव बचानी है।
मझधारे से तार तीर तक
लेकर जानी है।
क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।
जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।
तमगा उससे छीन बेटियों
करो दस्तखत स्वयं आज पर।
पत्थर की इस बार मिटे, जो
रेख पुरानी है।
जो समाज बैठा है तत्पर
तुम्हें निगलने घात लगाकर
मगरमच्छ वो मुँह की खाए
तुम रखना यों जाल बिछाकर
हो जाए लाचार इस तरह
जुगत भिड़ानी है।
हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।
कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।
इस बिसात का हर चौख़ाना
एक सुरक्षित कोट बना दे।
निकट न फटके हार हरिक यों
गोट जमानी है।