कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
सभी रचनाएँ All writings सभ रचनाऊं
कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १३४ / १६४ № 134 of 164 रचना १३४ / १६४
४ नवम्बर २०१९ 4 November 2019 ४ नवम्बर २०१९

खुद थामों पतवार बेटियों khud thaamon patawaar betiyon खुद थामों पतवार बेटियों

खुद थामो पतवार बेटियों

नाव बचानी है।

मझधारे से तार तीर तक

लेकर जानी है।

॥

क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।

जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।

तमगा उससे छीन बेटियों

करो दस्तखत स्वयं आज पर।

॥

पत्थर की इस बार मिटे, जो

रेख पुरानी है।

॥

जो समाज बैठा है तत्पर

तुम्हें निगलने घात लगाकर

मगरमच्छ वो मुँह की खाए

तुम रखना यों जाल बिछाकर

॥

हो जाए लाचार इस तरह

जुगत भिड़ानी है।

॥

हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।

कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।

इस बिसात का हर चौख़ाना

एक सुरक्षित कोट बना दे।

॥

निकट न फटके हार हरिक यों

गोट जमानी है।

khud thaamo patawaar betiyon

naaw bachaanee hai

majhadhaare se taar teer tak

lekar jaanee hai

·

kyon nirbhar ho tum samaaj par

jisakee nazaren sirph raaj par

tamagaa usase cheen betiyon

karo dastakhat svayan aaj par

·

patthar kee is baar mite, jo

rekh puraanee hai

·

jo samaaj baithaa hai tatpar

tumhen nigalane ghaat lagaakar

magaramachch wo munh kee khaae

tum rakhanaa yon jaal bichaakar

·

ho jaae laachaar is tarah

jugat bhidaanee hai

·

hon wazeer ke dhvast iraade

kutil chaal chal saken n pyaade

is bisaat kaa har chaukaanaa

ek surakshit kot banaa de

·

nikat n phatake haar harik yon

got jamaanee hai

खुद थामो पतवार बेटियों

नाव बचानी है।

मझधारे से तार तीर तक

लेकर जानी है।

॥

क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।

जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।

तमगा उससे छीन बेटियों

करो दस्तखत स्वयं आज पर।

॥

पत्थर की इस बार मिटे, जो

रेख पुरानी है।

॥

जो समाज बैठा है तत्पर

तुम्हें निगलने घात लगाकर

मगरमच्छ वो मुँह की खाए

तुम रखना यों जाल बिछाकर

॥

हो जाए लाचार इस तरह

जुगत भिड़ानी है।

॥

हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।

कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।

इस बिसात का हर चौख़ाना

एक सुरक्षित कोट बना दे।

॥

निकट न फटके हार हरिक यों

गोट जमानी है।

कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗