कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३ poet  ·  1951 – 2023 कवयित्री  ·  १९५१ – २०२३
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कल्पना रामानी Kalpana Ramani कल्पना रामानी नवगीत Navgeet नवगीतु · रचना १३३ / १६३ № 133 of 163 रचना १३३ / १६३
४ नवम्बर २०१९ 4 November 2019 ४ नवम्बर २०१९

खुद थामों पतवार बेटियों khud thaamon patawaar betiyon खुद थामों पतवार बेटियों

खुद थामो पतवार बेटियों

नाव बचानी है।

मझधारे से तार तीर तक

लेकर जानी है।

क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।

जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।

तमगा उससे छीन बेटियों

करो दस्तखत स्वयं आज पर।

पत्थर की इस बार मिटे, जो

रेख पुरानी है।

जो समाज बैठा है तत्पर

तुम्हें निगलने घात लगाकर

मगरमच्छ वो मुँह की खाए

तुम रखना यों जाल बिछाकर

हो जाए लाचार इस तरह

जुगत भिड़ानी है।

हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।

कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।

इस बिसात का हर चौख़ाना

एक सुरक्षित कोट बना दे।

निकट न फटके हार हरिक यों

गोट जमानी है।

khud thaamo patawaar betiyon

naaw bachaanee hai

majhadhaare se taar teer tak

lekar jaanee hai

·

kyon nirbhar ho tum samaaj par

jisakee nazaren sirph raaj par

tamagaa usase cheen betiyon

karo dastakhat svayan aaj par

·

patthar kee is baar mite, jo

rekh puraanee hai

·

jo samaaj baithaa hai tatpar

tumhen nigalane ghaat lagaakar

magaramachch wo munh kee khaae

tum rakhanaa yon jaal bichaakar

·

ho jaae laachaar is tarah

jugat bhidaanee hai

·

hon wazeer ke dhvast iraade

kutil chaal chal saken n pyaade

is bisaat kaa har chaukaanaa

ek surakshit kot banaa de

·

nikat n phatake haar harik yon

got jamaanee hai

खुद थामो पतवार बेटियों

नाव बचानी है।

मझधारे से तार तीर तक

लेकर जानी है।

क्यों निर्भर हो तुम समाज पर।

जिसकी नज़रें सिर्फ राज पर।

तमगा उससे छीन बेटियों

करो दस्तखत स्वयं आज पर।

पत्थर की इस बार मिटे, जो

रेख पुरानी है।

जो समाज बैठा है तत्पर

तुम्हें निगलने घात लगाकर

मगरमच्छ वो मुँह की खाए

तुम रखना यों जाल बिछाकर

हो जाए लाचार इस तरह

जुगत भिड़ानी है।

हों वज़ीर के ध्वस्त इरादे।

कुटिल चाल चल सकें न प्यादे।

इस बिसात का हर चौख़ाना

एक सुरक्षित कोट बना दे।

निकट न फटके हार हरिक यों

गोट जमानी है।

कल्पना Kalpana कल्पना

मूल स्रोत ↗ Original source ↗ असल सोरस ↗